महम कांड पर चौटाला परिवार में जंग तेज: कर्ण चौटाला के खिलाफ कोर्ट केस की तैयारी में JJP, जानें पूरा मामला

On: November 28, 2025 10:19 AM
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महम कांड

1990 में रोहतक जिले में हुए महम कांड को लेकर चौटाला परिवार पर राजनीतिक तल्खी बढ़ने के आसार हैं। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के नेता और सिरसा जिला परिषद के चेयरमैन कर्ण चौटाला के एक बयान पर जननायक जनता पार्टी (JJP) आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। JJP ने कर्ण चौटाला को भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर अब कोर्ट में केस दायर करने का फैसला किया है।

लीगल नोटिस का क्यों नहीं दिया गया जवाब?

JJP की ओर से 5 नवंबर को कर्ण चौटाला को एक लीगल नोटिस भेजा गया था, जिसमें 15 दिन के अंदर जवाब मांगा गया था। यह नोटिस हिसार के एडवोकेट एवं JJP नेता मंदीप बिश्नोई की ओर से भेजा गया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद भी कर्ण चौटाला की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। इसके चलते अब JJP कोर्ट का रुख करने जा रही है।

क्या कहा था कर्ण चौटाला ने इंटरव्यू में?

पूरे विवाद की जड़ कर्ण चौटाला का वह इंटरव्यू है, जो उन्होंने 9 अक्टूबर को दिया था। इस इंटरव्यू में कर्ण ने दावा किया था कि महम कांड की FIR में JJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला का नाम था, न कि उनके पिता और INLD प्रमुख अभय सिंह चौटाला का। उन्होंने कहा था, “CBI की जांच हुई थी, उसमें अभय सिंह का कोई रोल नहीं था। FIR में अजय सिंह का नाम था।”

JJP की अगली कानूनी रणनीति क्या है?

JJP प्रवक्ता एडवोकेट मंदीप बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि अब वह कोर्ट में एक कंप्लेंट दायर करेंगे। उन्होंने बताया, “हम कोर्ट में अपनी तरफ से सबूत पेश करेंगे कि कर्ण चौटाला ने गलत बयान दिया था। हमने महम थाने से FIR की कॉपी मंगवाई है। कोर्ट इन सबूतों के आधार पर आरोपी को समन जारी कर सकती है।”

अभय चौटाला ने JJP को दी चेतावनी

इस पूरे मामले पर INLD प्रमुख अभय सिंह चौटाला का रुख सख्त है। उनका कहना है कि JJP को इस नोटिस पर खुद माफी मांगनी पड़ेगी। अभय ने फिर से दोहराया कि महम कांड की CBI जांच में उनका नाम कहीं नहीं है और FIR में अजय सिंह चौटाला का नाम दर्ज था। उन्होंने कहा, “अगर मेरा नाम है तो उसे साबित करना पड़ेगा।”

क्या है महम कांड?

महम कांड 1990 में रोहतक जिले के महम गाँव में हुई एक सामूहिक हत्या की घटना है, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। इस मामले की जांच CBI ने भी की थी और यह मामला दशकों से हरियाणा की राजनीति में एक विवादित मुद्दा बना हुआ है।


वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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