Efforts to Prevent Child Marriage (मेरा हरियाणा नेटवर्क) जींद। जिला में किसी भी सूरत में बाल विवाह न होने पाए, इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि पिछले पांच वर्षों की बात की जाए तो लगातार बाल विवाह के मामलों में कमी आई है। बावजूद इसके जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम किसी भी स्तर पर कोर कसर छोडऩा नही चाह रही है। इस बार 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अखा तीज) है और जिलाभर में विवाह समारोहों की धूम रहेगी और युवा भी खूब विवाह बंधन में बंधेंगे। ऐसे में अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाह की आड़ में कुछ बाल विवाह भी हो सकते हैं।
जिसके चलते जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की विशेष नजर रहेगी। इसमें लड़के की आयु 21 वर्ष से कम तथा लड़की की आयु 18 वर्ष की आयु से कम पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ-साथ अब बाल विवाह के केस में पोक्सो एक्ट का केस दर्ज करवाने का प्रावधान भी कर दिया गया है।
जिले में बाल विवाह पिछले वर्षों के मुकाबले घट रहे हैं जोकि लोगों की जागरूकता के कारण ही संभव हुआ है
डीसी मोहम्मद इमरान रजा के दिशा-निर्देशन में महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता ने बाल विवाह रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की है। हालांकि जिले में बाल विवाह पिछले वर्षों के मुकाबले घट रहे हैं जोकि लोगों की जागरूकता के कारण ही संभव हुआ है। पिछले एक सप्ताह से टीम ने मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारों व चर्च में जाकर सभी को बाल विवाह को लेकर आगाह किया गया है और सभी को कानून की जानकारी दी गई। टीम ने सभी से निवेदन किया है कि वह अपने अपने कार्यों के साथ-साथ विवाह में लड़का व लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मंगवा कर देखें ताकि पता लग सके कि दोनों बालिग हैं या नहींं। ाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता ने ने कहा कि बाल विवाह से संबंधित सूचना तुरंत महिला हैल्पलाइन नंबर 181, 112 नंबर या 8814011559 पर दें।














