हरियाणा के सिरसा जिले से बेहद दुखद खबर सामने आई है। नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव ढूकड़ा निवासी SSB जवान सुरजीत सिंह देशसेवा के दौरान शहीद हो गए। वह शस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात थे और गुवाहाटी (असम) में ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रक पलटने से यह हादसा हुआ।
शहीद जवान सुरजीत सिंह को मंगलवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी जाएगी। जैसे ही उनके शहीद होने की सूचना गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
किसान परिवार से थे ताल्लुक, 2013 में हुए थे SSB में भर्ती
गांव ढूकड़ा निवासी किसान भंवरलाल सिंह के तीन पुत्रों में सुरजीत सिंह सबसे बड़े थे। उन्होंने गांव के राजकीय विद्यालय से 10वीं कक्षा पास करने के बाद वर्ष 2013 में SSB जॉइन की थी।
उनके दो भाई—अमर सिंह और रमेश कुमार (VLDA)—भी अपने-अपने क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
15 दिन की छुट्टी बिताकर लौटे थे ड्यूटी पर
परिजनों के अनुसार, सुरजीत सिंह 20 दिसंबर को 15 दिन की छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर लौटे थे। ड्यूटी के दौरान हुए इस आकस्मिक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए पीछे
शहीद सुरजीत सिंह की शादी गांव नेजाडेला कलां निवासी कौशल्या से हुई थी। उनके दो बेटे हैं—
राहुल (कक्षा 10वीं)
अश्वनी (कक्षा 7वीं)
गांव के युवाओं के लिए थे प्रेरणास्रोत
सुरजीत सिंह केवल एक बहादुर सैनिक ही नहीं, बल्कि गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी थे। वे युवाओं को सेना में भर्ती की तैयारी के लिए मार्गदर्शन देते रहते थे और गांव में खेल ग्राउंड विकसित करवाने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
वे युवाओं को अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और देशभक्ति का पाठ पढ़ाते थे। उनका जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा।
अपूरणीय क्षति, हमेशा याद रहेगा बलिदान
गांववासियों का कहना है कि सुरजीत सिंह का शहीद होना गांव के लिए हृदयविदारक और अपूरणीय क्षति है। उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के लिए जीने और मरने की प्रेरणा देता रहेगा।
शत्-शत् नमन, अमर शहीद।











