हरियाणा के सिरसा जिले में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों पर खरा न उतरने वाले प्ले स्कूलों को बंद करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत ने महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी मापदंड पूरे नहीं किए जा रहे हैं, वहां नोटिस जारी कर स्कूल बंद किए जाएं और वहां पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित रूप से अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में बाल श्रम रोकने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब बाल श्रम को लेकर छापामारी की जाती है, उस समय शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी टीम में शामिल रहते हैं, ऐसे में मौके पर ही बच्चों की शिक्षा से जुड़ा पूरा डाटा तैयार किया जाना चाहिए ताकि उन्हें जल्द से जल्द शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डॉ. दर्शना सिंह, उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय सचदेवा, भाई कन्हैया आश्रम से पद्मश्री गुरविंद्र सिंह, सीडब्ल्यूसी चेयरमैन डॉ. मदनलाल, सदस्य भावना शर्मा, निधि मेहता, अनिल कुमार, रजनीश खन्ना, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. संजय कुमार, डब्ल्यूसीडीपीओ सुदेश कुमारी, सुनीता रानी, शिक्षा विभाग से अमित मनहर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 11 प्ले स्कूलों को सभी नॉर्म पूरे करने पर प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 प्ले स्कूल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। वहीं 17 प्ले स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं और नॉर्म पूरे न करने के कारण दो अन्य प्ले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया चल रही है।

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा संचालित 17 क्रेच में भी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
चाइल्ड लेबर से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन दुकानों पर 16 से 18 वर्ष आयु के बच्चे कार्यरत हैं, वहां दुकानदार के पास बच्चे का आयु प्रमाण पत्र और दिए जा रहे वेतन का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं पाया जाता है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में वन स्टॉप सेंटर के लिए भूमि चिन्हित करने को लेकर भी चर्चा हुई। अतिरिक्त उपायुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि इस संबंध में सप्ताह में एक बार प्रगति रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाए। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत जिले में अब तक 54,685 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस दौरान बाल विवाह रोकथाम को लेकर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ भी दिलाई गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंचों का सहयोग लेकर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में बाल गोपाल धाम स्पॉन्सर स्कीम, लिंगानुपात, कार्यालयों में कमेटियों का गठन, स्कूल ड्रॉपआउट, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस अवसर पर कार्यस्थल पर महिलाओं के विरुद्ध अपराध से संबंधित जागरूकता पोस्टर तथा वात्सल्य योजना का पोस्टर भी जारी किया गया।












