
लोन पास कराने की एवज में मांगे थे 30 हजार रुपए
Haryana News, (मेरा हरियाणा), कैथल: हरियाणा के कैथल से एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते हुए एक वैटनरी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। वैटनरी डॉक्टर पर आरोप है कि उसने लोन पास कराने की एवज में 30 हजार रुपए की डिमांड की थी। इतना ही नहीं वैटनरी डॉक्टर ने रिश्वत लेने के बाद शान से फोटोशूट कराया। कुछ मीडियाकर्मियों ने डॉक्टर से फोटो लेने के लिए कहा तो डॉक्टर हाथ पीछे बांधकर फोटो क्लिक कराने लगा। इसके बाद जब एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने मुंह ढकने के लिए रुमाल दिया तो आरोपी डॉक्टर ने हाथ से इशारा कर मना कर दिया।
कहा- इसकी कोई जरूरत नहीं है। एसीबी की गाड़ी में बैठते समय भी डॉक्टर इंस्ट्रशन देता नजर आया। दरअसल, आरोपी डॉक्टर ने एक किसान से लोन पास कराने के नाम पर 30 हजार रिश्वत मांगी थी। गुरुवार को किसान की सूचना पर एसीबी ने कैथल के विश्वकर्मा चौक से डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के बाद डॉक्टर अक्सर कैथल से गाड़ी लेकर चंडीगढ़ जाता रहता था।
भैंसों का लोन पास कराने के लिए रुपयों की डिमांड की
कैथल के पट्टी अफगान में तैनात वैटनरी डॉक्टर अंकुर ने गांव सेंगरी के एक किसान से भैंसों का लोन पास कराने के लिए 30 हजार रुपए मांगे थे। रिश्वत की डिमांड करने के बाद किसान ने एसीबी की टीम से संपर्क किया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, डॉक्टर से उसे लोन की फाइल पर साइन कराने थे। इस संबंध में कई बार डॉक्टर अंकुर से मिल चुका था। साइन करने के लिए ही डॉक्टर रिश्वत की डिमांड कर रहा था।
28 हजार रुपए में फाइल साइन करने की बात कही
एसीबी के अनुसार, किसान से बातचीत के बाद डॉक्टर ने 28 हजार रुपए में साइन करने की बात कही। इसके बाद किसान ने एसीबी से मामले में संपर्क किया। गुरुवार को एसीबी की टीम ने किसान से को-आॅर्डिनेट कर उसे डॉक्टर अंकुर के पास भेजा। डॉक्टर इस दौरान विश्वकर्मा चौक के पास ब्ला-ब्ला से चंडीगढ़ सवारियां लेकर जा रहा था। उसकी गाड़ी में तीन सवारियां भी मौजूद थी।
आरोपी ने भागने का भी किया प्रयास
रास्ते में ही डॉक्टर गाड़ी से उतरकर किसान से रिश्वत के रुपए लेने लगा। इसी दौरान ट्रैप लगाए बैठी एसीबी की टीम ने पीछे से डॉक्टर को दबोच लिया। इस दौरान उसकी गाड़ी में बैठी सवारियां भी एसीबी को देखकर डर गई। एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने सवारियों को बाहर निकालकर भेज दिया। एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी डॉक्टर को जब एसीबी की टीम ने चौक पर रोका तो उसने भागने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। टीम ने उसे कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। उसके पास से रिश्वत के लिए रुपए भी बरामद हुए हैं।













