अंबाला के इस मंदिर में मां काली को दूध से क्यों नहलाते हैं? वजह जान आप भी भागे जाओगे

On: October 13, 2026 11:00 PM
Follow Us:

Last Updated:

Maa Dukh Bhanjani Mandir Ambala : अंबाला का मां दुख भंजनी मंदिर नवरात्रि के दौरान देखते ही बनता है. यह श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना जाता है. सबसे खास परंपरा नवरात्रि में मां काली को दूध से स्नान कराने की है. लोकल 18 से मंदिर के पंडित पंकज वशिष्ठ बताते हैं कि नवरात्रि में मां काली को दूध से स्नान कराने की परंपरा बहुत पुरानी है. मान्यता है कि जो महिलाएं मां को दूध से स्नान कराती हैं, उन्हें ‘दूधों नहाओ, पूतों फलो’ का आशीर्वाद मिलता है. दूध से स्नान की परंपरा पूरी होने के बाद मां की पालकी पूरे शहर में निकाली जाएगी. इस बार मां की ज्योत गुजरात के अंबाजी शक्तिपीठ से लाई गई है.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

अंबाला. हरियाणा के अंबाला शहर का मां दुख भंजनी मंदिर नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना जाता है. यहां मां काली के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं. मंदिर की सबसे खास परंपरा नवरात्रि में मां काली को दूध से स्नान कराने की है. इसी क्रम में, नवरात्रि के तीसरे दिन मां का दूध से अभिषेक किया गया. मंदिर के पंडित पंकज वशिष्ठ लोकल 18 से बताते हैं कि नवरात्रि में मां काली को दूध से स्नान कराने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है. श्रद्धालु सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक मां का दूध से अभिषेक करते हैं. इसके बाद दूध को प्रसाद के रूप में प्राप्त किया जाता है. मंदिर में मां का दूध से स्नान कराने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है. मान्यता के अनुसार, जो महिलाएं मां को दूध से स्नान कराती हैं, उन्हें ‘दूधों नहाओ, पूतों फलो’ का आशीर्वाद मिलता है.

पंडित पंकज वशिष्ठ के अनुसार दूध से स्नान की परंपरा पूरी होने के बाद मां की पालकी पूरे शहर में निकाली जाएगी. इसके अगले दिन मां का ताजपोशी कार्यक्रम होगा, जिसे मंदिर की विशेष धार्मिक परंपराओं में शामिल माना जाता है. इस बार मां की ज्योत गुजरात स्थित अंबाजी शक्तिपीठ से लाई गई है. इसे 82 श्रद्धालु लेकर आए हैं. नवरात्रि के सातवें दिन मंदिर में भक्तों की ओर से मां की अखंड ज्योति जलाई जाएगी. आठवें दिन बच्चों की प्रतियोगिता होगी. इसमें हिस्सा लेने वाले बच्चों को नौवें दिन पुरस्कार दिया जाएगा.

तालाब के बीच में मंदिर

पंडित पंकज वशिष्ठ बताते हैं कि मां दुख भंजनी मंदिर की एक खास पहचान इसकी अनूठी बनावट भी है. यह मंदिर एक तालाब के बीच में है और पानी से घिरा हुआ. नवरात्रि के अलावा भी यहां रोजाना भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं, शनिवार को श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है. श्रद्धालु अक्षत शर्मा कहते हैं कि वे लंबे समय से यहां माथा टेकने आ रहे हैं. नवरात्रि के दौरान मंदिर की रौनक देखते ही बनती है. पूरे दिन मां के भजन-कीर्तन होते रहते हैं. श्रद्धालु मां से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. उन्हें भी मां पर अटूट विश्वास है.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

हरियाणाः करनाल में दोस्तों के साथ हुक्का पीर रहे युवक की हत्या, VIDEO में लाठी डंडों और चाकू के साथ नजर आए आरोपी

2 बेटियां होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करते थे ससुराली, अरविना नहीं सह पाई जुल्म, दे दी जान, मायके वाले बोले-दहेज के लिए हत्या

क्या आपको भी चाहिए मुफ्त वकील? सुप्रीम कोर्ट तक ये सुविधा, जानें अप्लाई का तरीका

कल का मौसम 14 अक्टूबर IMD tomorrow Weather Forecast | 70KM की आंधी, बारिश और ओले; 13 घंटे में पलटेगा मौसम, दिल्ली-UP सहित 15 राज्यों में IMD का अलर्ट

गुरुग्राम में तोड़फोड़-सीलिंग पर ‘सुप्रीम’  रोक,  DLF, सुशांत लोक और साउथ सिटी में 160 मकानों पर चलाया जा चुका है बुलडोजर

कारगिल युद्ध में पति की शहादत, PM मोदी का चुनाव लड़ने का सुझाव, कौन हैं भाजपा नेता सुधा यादव, जो बनीं कर्नाटक की राज्यपाल