Last Updated:
Gurugram Encounter News: हरियाणा के गुरुग्राम के सुशांत लोक में हुए एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक सभी को मिलाकर कुल 21 गोली लगी हैं. हालांकि एक भी गोली शरीर में कहीं फंसी नहीं. सभी गोलियां आर-पार हो गई थीं.
गुरुग्राम में हुए एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट.
चंडीगढ़ः सुशांत लोक इलाके में एनकाउंटर में मारे गए दीपक नांदल गैंग के चार शूटरों को पुलिस की ओर से कुल 21 गोलियां मारी गई. शुक्रवार दोपहर बाद मेडिकल बोर्ड से चारों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम से पहले सभी शवों के एक्सरे की प्रक्रिया भी की गई. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार चारों के शरीर में कोई भी गोली नहीं मिली है. सभी गोलियां इनके शरीर से आर-पार हुई हैं. ये गोलियां सिर, गले, सीने, पेट, पैरों, हाथ में लगी हैं.
बदमाश अंकित को सबसे ज्यादा गोली लगी
पोस्टमार्टम के लिए दो बोर्ड डॉ. दीपक माथुर और डॉ. ललित चोपड़ा की अगुवाई में बने थे. दोनों बोर्ड ने 2-2 शवों का पोस्टमार्टम किया. मरने वाले चारों शूटरों में अंकित को सबसे ज्यादा गोली लगी. इसके गले, सीने, पेट, पैरों में 7 गोलियां लगी. संदीप को 4 गोली सीने और गले में, उल्टे हाथ व उल्टे जांघ में लगी. आर्यन और नितिन को 6 गोलियां सिर, सीने, पेट और जांघ में लगी हैं. गौरतलब है कि 9 जुलाई की रात गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में गुरुग्राम पुलिस और दीपक नांदल नाम के गैंगस्टर के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 4 बदमाशों को गुरुग्राम पुलिस ने मौके पर ही ढेर कर दिया था. जबकि एक बदमाश घायल हो गया था, जिसका अभी इलाज चल रहा है. वहीं परिवार ने पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
कांवड़ लेने जा रहा हूं कहकर निकला था अंकित
अंकित के पिता अनिल ने बताया कि वह एको कंपनी में ठेकेदार के अधीन काम करते हैं. अंकित चार बहनों में इकलौता भाई था. वो बुधवार को घर पर अपनी मां को ये कहकर निकला था कि कांवड़ लेने जा रहा हूं. शुक्रवार को गांव के चौकीदार ने अंकित के गुरुग्राम में मुठभेड़ में मरने की सूचना दी. परिवार को नहीं पता कि लगभग 17 साल का अंकित गुड़गांव कैसे पहुंचा. 8वीं के बाद अंकित ने पढ़ाई छोड़ दी थी.
बेटे का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, गुड़गांव कैसे पहुंचा नहीं पता
आर्यन के पिता प्रदीप ने बताया कि बेटा 11 वीं क्लास का छात्र था. बीते 2 साल से वो जैवलीन थ्राे खेल का अभ्यास कर रहा था. बुधवार को आर्यन ग्राउंड से प्रैक्टिस से लौटकर आइस बाथ लेकर आने की बात कहकर गया था. वहीं इस दौरान वह बाइक ठीक कराने के लिए नितिन के पास गया था और फिर वापस नहीं लौटा. उसका मोबाइल बंद आने लगा तो परिवार ने उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी. स्थानीय पुलिस ने कहा कि वे जल्द गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करेंगे. आर्यन का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह गुड़गांव कैसे पहुंचा, इसको लेकर परिवार के लोग सदमे में हैं. आर्यन परिवार का इकलौता बेटा था. उसकी एक बहन भी है.
पहले पुलिस ने झूठा फंसाया था, अब मार ही दिया, गैंगस्टरों पर करे कार्रवाई
नितिन के पिता संजय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले भी उनके बेटे को झूठे केस में फंसाया था. उसको होटल से उठा लिया गया था और पुलिस पर फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया गया था. वह करीब 9 माह तक जेल में रहा और करीब पांच माह पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर जेल से बाहर आया था. करीब चार माह से वह बाइक ठीक करने की दुकान पर काम कर रहा था. घर से बिना बताए ही बुधवार को गायब हुआ था. पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी थी. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. जो गैंगस्टर युवाओं को बिगाड़ रहे हैं. पुलिस को उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.
About the Author

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें











