पहाड़ों से मैदानों तक तबाही की बारिश, शिमला में ढही पहाड़ी, हरियाणा का बुरा हाल

On: July 12, 2026 6:22 AM
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उत्तर भारत में मॉनसून का कहर जारी है. रविवार, 12 जुलाई 2026 के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. शनिवार तड़के शिमला में भीषण भूस्खलन हुआ. वहीं, मैदानी इलाकों में भी बुरा हाल है. फरीदाबाद में खेतों के रास्ते 5 से 15 फीट पानी में डूब गए हैं, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं. हथनीकुंड बैराज का जलस्तर बढ़ने से यमुना किनारे हाई अलर्ट है.

पहाड़ से मैदानों तक तबाही की बारिश, शिमला में ढही पहाड़ी, हरियाणा का बुरा हालZoom

पहाड़ों पर भारी से बुरा हाल है. जान लें मौसम विभाग का अपडेट.

शिमला/चंडीगढ़: हे भगवान! ये कैसा मानसून का कहर चल रहा है? पूरे देश में बारिश से अफरा तफरी मचा हुआ है. क्या मुबंई, क्या सूरत कई पश्चिमी भारत के कई शहर पानी में डूबे गए हैं. पहाड़ों पर तो मानसून का दोहरा मार पड़ रहा है. शनिवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राजहाना के पास लैंड स्लाइड से कई कारें मलबे में दब गईं. मानसून की मार का असर पहाड़ों से लेकर मैदानों तक दिख रहा है. संकट अभी कम होने नहीं जा रहा है क्योंकि मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार, 12 जुलाई के लिए हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश का कहर जारी रहेगा. कई इलाकों में भारी बारिश और भू-स्खलन की वजह से सड़कें बंद हो गई. प्रशासन मुश्तैदी साफ-सफाई के काम लगा हुआ है. वहीं, मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर डालें तो रविवार को भी हिमाचल प्रदेश से लेकर हरियाणा, चंडिगढ़, पंजाब और उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा और दिल्ली के पास एक मौसमी सिस्टम डेवलप होने की वजह से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. साथ ही आम-जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की संभावना है.

शिमला में तबाही

शिमला में शनिवार को मानसून की भारी बारिश ने भयानक तबाही मचाई. नए शिमला के पास राजहाना (Rajhana) और संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है. शनिवार तड़के करीब चार बजे जब अधिकांश लोग अपने घरों में गहरी नींद में सो रहे थे, तभी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया. इस भीषण भूस्खलन से इलाके में भारी दहशत का माहौल है. गनीमत यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सड़क के नीचे का ढंगा ढहकर रिहायशी मकानों की ओर आ गया है. इससे मकानों तक जाने वाला रास्ता टूट गया है और स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 3 से 4 इमारतें सीधे खतरे की जद में आ गई हैं.

राजहाना में मलबे में दबीं कारें

मोहल राजहाना में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में चट्टानें, बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा. इस खौफनाक भूस्खलन की चपेट में सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां आ गईं. घटनास्थल पर पार्क किए गए दो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मलबे में आंशिक रूप से दब गए.

हिमाचल में आज का मौसम (12 जुलाई)

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए मौसम की कड़ी चेतावनी जारी की है:-

  • भारी बारिश का अलर्ट: चंबा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
  • मध्यम बारिश: मंडी, किन्नौर और कांगड़ा जिलों में भी लगातार मध्यम बारिश होने की संभावना है.
  • पाबंदियां लागू: बारिश के इस उग्र रूप को देखते हुए कांगड़ा और मंडी जैसे जिलों में प्रशासन ने नदियों और झरनों के पास जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.

तापमान में भारी गिरावट

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने जनता से अपील की है कि निचले इलाकों में जलभराव, कम दृश्यता और फिसलन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा है. अतः यातायात पुलिस की एडवाइजरी का पालन करें और नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें. उत्तराखंड में भी इसी तरह भारी बारिश और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन की चेतावनी दी गई है.

हथनीकुंड बैराज का बढ़ा जलस्तर

पहाड़ों की बारिश का सीधा असर मैदानी राज्य हरियाणा पर पड़ रहा है. करनाल और अंबाला सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है. भारी बारिश के चलते यमुनानगर स्थित हथनीकुंड बैराज पर जलस्तर लगातार खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है. प्रशासन ने यमुना नदी के किनारे बसे सभी गांवों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी है. साइबर सिटी गुरुग्राम में भी भारी बारिश के चलते बुरा हाल है. शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे भयंकर ट्रैफिक जाम लग रहा है.

फरीदाबाद के गांव 15 फीट पानी में डूबे

हरियाणा के फरीदाबाद से एक बेहद दर्दनाक ग्राउंड रिपोर्ट सामने आई है. भारी बारिश और जलभराव के कारण फरीदाबाद के एक गांव में किसानों का अपने खेतों तक पहुंचना पूरी तरह नामुमकिन हो गया है. खेतों की ओर जाने वाला रास्ता 5 से 15 फीट तक गहरे पानी में डूब चुका है. पानी का स्तर इतना ज्यादा है कि धान और हरी सब्जियों की लहलहाती फसलें पूरी तरह पानी में समा गई हैं. किसानों पर भारी आर्थिक संकट मंडरा रहा है और वे अब प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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