हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें चलेगी, ये है एक्शन प्लान

On: June 27, 2026 12:09 AM
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हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्वच्छ वायु अभियान में तेजी लाते हुए व्यापक कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है। इसके तहत नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने के साथ-साथ एनसीआर में वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार करते हुए 23 नए निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (सीएएक्यूएमएस) भी स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, 1 अक्टूबर से ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ नीति लागू होगी, लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा तथा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और उद्योगों के विरुद्ध कार्रवाई और तेज की जाएगी।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इन बहु-क्षेत्रीय पहलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी उपाय पूरी तरह लागू हो सकें।

 

परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजशेखर वुंडरू ने बताया कि वर्ष 2026 के दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। वर्तमान में 70 इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों के लिए खरीद आदेश जारी किए जा चुके हैं। शेष बसों की खरीद हाई पावर्ड परचेज कमेटी की स्वीकृति के बाद चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इससे वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

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वायु प्रदूषण की प्रभावी निगरानी के लिए राज्य सरकार वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है। वर्तमान में राज्य में 22 निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र संचालित हैं, जबकि 23 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी। दो स्टेशनों के लिए जुलाई के मध्य तक कार्यादेश जारी होने की संभावना है, जबकि शेष स्टेशनों के लिए शीघ्र ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। विस्तारित नेटवर्क को 30 सितंबर से पहले पूरी तरह संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित हो सके।

 

बैठक में वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होने वाली ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ पहल की तैयारियों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के एनसीआर जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित की जा रही है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंपों को कवर किया जाएगा, जबकि शेष 2,005 पेट्रोल पंपों पर भी निर्धारित समय-सीमा से पहले यह प्रणाली स्थापित कर दी जाएगी। इसके लागू होने के बाद ईंधन भरवाने से पहले वाहन के पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी) का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन किया जाएगा।

 

बैठक में एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष प्रवर्तन अभियान में उल्लेखनीय तेजी लाई गई है। अब तक 2,883 पुराने वाहन जब्त, 2,010 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं तथा स्वैच्छिक रूप से वाहनों को हटाने के लिए 6,054 अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए गए हैं।

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मुख्य सचिव ने ‘नया सफर योजना’ की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके तहत पात्र वाहनों के लिए सौ फीसदी मोटर वाहन कर छूट की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इस योजना का उद्देश्य पुराने व्यावसायिक वाहनों को स्वच्छ विकल्पों से बदलना है, जिसके लिए प्रोत्साहन, जागरूकता शिविर तथा वाउचर रिडेम्पशन के लिए फ्यूल आउटलेट को सक्रिय किया जा रहा है।

 

बैठक में बताया गया कि सीएक्यूएम ढांचे के अंतर्गत लगभग 490 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि लगभग 1,000 किलोमीटर अतिरिक्त सड़कों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वैज्ञानिक सड़क अभियांत्रिकी तथा धूल नियंत्रण उपायों को अपनाने के लिए हरियाणा सरकार शीघ्र ही सीएसआईआर–सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर करेगी।

 

औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) स्थापित करने वाले 1,340 उद्योगों में से 1,329 उद्योग पहले ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से जोड़े जा चुके हैं। जिन उद्योगों में उन्नत उत्सर्जन नियंत्रण अवसंरचना की आवश्यकता है, वहां एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस की स्थापना भी तेजी से की जा रही है।

 

बैठक में ठोस अपशिष्ट तथा निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। अपशिष्ट संग्रहण स्थलों की जियो-टैगिंग तथा सी एंड डी अपशिष्ट परिवहन की जीपीएस ट्रैकिंग पहले ही लागू की जा चुकी है। वर्तमान में 23 सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर संचालित हैं और अतिरिक्त केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं। एनसीआर के सभी सात शहरों में नगर निगम ठोस अपशिष्ट संग्रहण का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जा चुका है तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नए प्रसंस्करण संयंत्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।

 

बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनय प्रताप सिंह, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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