हरियाणा वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब हरियाणा के बहादुरगढ़ से दिल्ली एयरपोर्ट, इंद्रप्रस्थ और राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख इलाकों तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत ग्रीन लाइन के विस्तार को लेकर दिल्ली सरकार ने बजट को हरी झंडी दे दी है, जिससे बहादुरगढ़ की सीधी कनेक्टिविटी और मजबूत होने जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, ग्रीन लाइन पर इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक प्रस्तावित नए कॉरिडोर के लिए बजट को मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही मेट्रो फेज-4 के तहत प्रस्तावित अन्य दो कॉरिडोर के लिए भी बजट जारी कर दिया गया है। तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 14,630 करोड़ रुपये में से 3,386.18 करोड़ रुपये का बजट दिल्ली सरकार द्वारा जारी किया गया है। इन तीनों कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 47 किलोमीटर होगी और अनुमान है कि वर्ष 2029 तक इन परियोजनाओं का काम पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल ग्रीन लाइन हरियाणा के बहादुरगढ़ से दिल्ली के इंद्रलोक और कीर्तिनगर तक संचालित है। अब फेज-4 के तहत ग्रीन लाइन का विस्तार करते हुए इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक करीब 12 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें एक एलिवेटेड और नौ अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल होंगे। यह कॉरिडोर मध्य दिल्ली और पुरानी दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस नई लाइन पर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद बहादुरगढ़ और आसपास के इलाकों से दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचना कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। साथ ही ITO, दिल्ली सचिवालय और आसपास के सरकारी व व्यावसायिक इलाकों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलने से रोजाना सफर करने वालों को बड़ा फायदा होगा।
मेट्रो फेज-4 के तहत दूसरा कॉरिडोर लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक तक प्रस्तावित है, जबकि तीसरा और सबसे लंबा कॉरिडोर रिठाला से कुंडली तक बनाया जाएगा। करीब 26.463 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह कॉरिडोर हरियाणा और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा, जिससे रोहिणी, नरेला, सोनीपत और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
DMRC के प्रवक्ता अनुज दयाल के अनुसार, मेट्रो फेज-4 के ये तीनों कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देंगे। इनके शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। मेट्रो नेटवर्क के इस विस्तार से दिल्ली और हरियाणा के लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा।







