प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के तहत नगर परिषद सिरसा में आए आवेदनों की जांच प्रक्रिया के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। नगर परिषद की ओर से की जा रही वेरिफिकेशन में अब तक करीब 400 ऐसे आवेदन पाए गए हैं, जिनमें गलत दस्तावेज अपलोड किए गए हैं। इन आवेदनों को लेकर नगर परिषद की टीम संबंधित लोगों से संपर्क कर दस्तावेज दुरुस्त करवाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ज्यादातर आवेदकों के पास जरूरी रजिस्ट्री दस्तावेज ही उपलब्ध नहीं हैं।
दरअसल, नगर परिषद सिरसा को पीएम आवास योजना 2.0 के तहत कुल 1200 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। ये सभी आवेदन बिल्डिंग लेड कंस्ट्रक्शन स्कीम के अंतर्गत आए हैं, जिसमें पात्र लाभार्थियों को अपने प्लॉट पर मकान निर्माण के लिए सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये की सहायता दी जानी है। जब ये आवेदन नगर परिषद की शाखा तक पहुंचे, तो उनकी वेरिफिकेशन शुरू की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में आवेदकों के रजिस्ट्री कॉलम में जमीन के वैध दस्तावेज अपलोड करने की बजाय आधार कार्ड, वोटर कार्ड और परिवार पहचान पत्र जैसे कागजात लगाए गए हैं।
नगर परिषद के अनुसार यह गलती अधिकतर सीएससी सेंटरों पर आवेदन भरने के दौरान हुई है। वेरिफिकेशन में खुलासा हुआ कि ज्यादातर आवेदकों के पास प्लॉट की रजिस्ट्री ही नहीं है। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने संबंधित आवेदकों को कॉल कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुलाया, लेकिन कई लोगों ने रजिस्ट्री न होने की बात स्वीकार कर ली। अब तक करीब एक हजार आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 200 से 250 आवेदन अभी भी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में हैं।
जांच के दौरान एक और बड़ी समस्या सामने आई है। करीब 130 ऐसे आवेदन पाए गए हैं, जिनमें आवेदकों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर या तो बंद हैं या फिर कॉल रिसीव नहीं की जा रही है। इन नंबरों पर भेजे गए मैसेज भी रिसीव नहीं हो रहे हैं। ऐसे मामलों में नगर परिषद ने 130 आवेदनों को सीधे तौर पर रिजेक्ट कर दिया है, क्योंकि आवेदकों से संपर्क ही नहीं हो पा रहा है।
नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का लाभ लेने के लिए स्पष्ट शर्तें तय की गई हैं। आवेदक के पास एप्रूव्ड एरिया में खुद का प्लॉट होना जरूरी है। परिवार के सभी सदस्यों के पास आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बैंक पासबुक और जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री, इंतकाल और जमाबंदी होनी चाहिए। इसके अलावा पारिवारिक आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। यदि मकान पहले से बना हुआ है, तो उसकी छत कच्ची होनी चाहिए और मकान का जीपीएस फोटो भी अनिवार्य है।
नगर परिषद सिरसा की एमआईएस एक्सपर्ट दिव्या बतरा ने बताया कि आधे से ज्यादा आवेदकों ने गलत दस्तावेज अपलोड किए हैं। उन्हें फोन कर बुलाया जा रहा है, लेकिन अधिकांश के पास रजिस्ट्री उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा कई मोबाइल नंबर बंद होने की वजह से संपर्क संभव नहीं हो पा रहा, जिससे आवेदन रिजेक्ट करने की नौबत आ रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का पोर्टल वर्ष 2029 तक खुला रहेगा। इस योजना के लिए पोर्टल नवंबर 2025 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2025 से आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बावजूद शुरुआती दौर में ही बड़ी संख्या में आवेदनों में सामने आई खामियों ने लाभार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब नगर परिषद की अपील है कि आवेदक समय रहते अपने दस्तावेज दुरुस्त करवाएं, ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके।












