हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी के निवासियों को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की है कि यहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के सात नए सेक्टर विकसित करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। लगभग एक हजार एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह परियोजना अंबाला कैंट के सुनियोजित शहरी विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है। मंत्री ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति दे रही है और अंबाला छावनी को भविष्य का महानगर बनाने की दिशा में ठोस काम शुरू हो चुका है।
मंत्री विज के अनुसार नए सेक्टर रिंग रोड तक विकसित किए जाएंगे, जिससे शहर का दायरा बढ़ेगा और ट्रैफिक प्रबंधन में भी सुधार होगा। प्रस्तावित सेक्टरों में सेक्टर-27, 28, 36, 40, 40-ए, 41-ए और 42 शामिल हैं। इन सेक्टरों में रिहायशी प्लॉट, ओपन स्पेस, कॉमर्शियल जोन, ट्रांसपोर्ट एवं कम्युनिकेशन सुविधाएं तथा इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे न केवल आवासीय सुविधाओं में सुधार होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
यह विकास घसीटपुर, बुहावा, शाहपुर, ब्राह्मण माजरा, करधान, सरसेहड़ी, चंदपुरा, मच्छौंडा, उगाड़ा, दुखेड़ी, सलारहेड़ी, रांवला, मंगलई और सम्भालखां गांवों की लगभग 1000 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ई-भूमि पोर्टल को 30 अप्रैल 2026 तक आवेदन के लिए खोला गया है। इच्छुक भू-स्वामी स्वेच्छा से अपनी जमीन बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि जमीन का उचित मूल्य दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
अनिल विज ने बताया कि रिंग रोड परियोजना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पिछले वर्ष ही नए सेक्टर विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकों और सर्वेक्षण के बाद अब योजना अमल के चरण में पहुंच गई है। उनका कहना है कि अंबाला छावनी का तेजी से विस्तार हो रहा है और यदि रिंग रोड के आसपास सुनियोजित तरीके से सेक्टर बसाए जाते हैं तो आने वाले वर्षों में शहर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
शहरी योजनाकारों के अनुसार यदि प्रस्तावित सेक्टरों में आधुनिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र, जल निकासी व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी गई तो अंबाला छावनी क्षेत्रीय स्तर पर एक प्रमुख शहरी केंद्र बन सकता है। आवासीय और वाणिज्यिक विकास के साथ-साथ इंडस्ट्रियल जोन बनने से निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सरकार का फोकस इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर है। पहले चरण में भूमि संग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद मास्टर प्लान के अनुरूप बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। विज ने कहा कि यह केवल जमीन अधिग्रहण की योजना नहीं बल्कि अंबाला छावनी को आधुनिक, व्यवस्थित और सुविधासंपन्न शहर बनाने का विजन है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी होती है और समयबद्ध विकास कार्य शुरू होते हैं तो यह परियोजना प्रदेश की प्रमुख शहरी विकास योजनाओं में शामिल हो सकती है। अंबाला छावनी को महानगर की दिशा में आगे बढ़ाने के इस प्रयास पर अब स्थानीय निवासियों और निवेशकों की नजरें टिकी हैं।













