प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वेड इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ सोच को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार अब राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन हब बनाने की तैयारी में है। इसी कड़ी में गुरुग्राम, खरखौदा और पिंजौर में तीन आधुनिक ‘वेडिंग सिटी’ विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
यह प्रोजेक्ट सिर्फ शादियों को भव्य बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए स्थानीय कारोबार, रोजगार और पर्यटन को भी नई रफ्तार देने की रणनीति तैयार की गई है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि लोग शादी के लिए दूसरे राज्यों की बजाय हरियाणा को ही प्राथमिकता दें।
गुरुग्राम, खरखौदा और पिंजौर बनेंगे नए वेडिंग हब
गुरुग्राम पहले से ही लग्जरी वेडिंग्स के लिए जाना जाता है, जबकि खरखौदा तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र है। वहीं पिंजौर का प्राकृतिक वातावरण इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए खास बनाता है।
सरकार ने गुरुग्राम और खरखौदा में वेडिंग सिटी विकसित करने की जिम्मेदारी HSIIDC को सौंपी है, जबकि पिंजौर में यह प्रोजेक्ट पर्यटन विभाग के जरिए तैयार किया जाएगा।
एक ही जगह पूरी शादी की सुविधा
इन वेडिंग सिटी को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि सगाई से लेकर विदाई तक की हर रस्म एक ही परिसर में पूरी हो सके। यहां बैंक्वेट हॉल, ओपन गार्डन, कैटरिंग जोन, डेकोरेशन, गेस्ट हाउस, ट्रांसपोर्ट, शॉपिंग एरिया और एंटरटेनमेंट जोन जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यानी शादी से जुड़ा हर काम—कपड़ों की खरीदारी, ज्वैलरी, मेकअप, फोटोग्राफी और मेहमानों की व्यवस्था—एक ही जगह पर मिल जाएगी, जिससे लोगों को अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा।
रोजगार और कारोबार को मिलेगा बूस्ट
इस प्रोजेक्ट से स्थानीय कारोबारियों, कारीगरों, बुटीक, ज्वेलर्स और डेकोरेटर को स्थायी बाजार मिलेगा। छोटे व्यापारियों को बड़े आयोजनों से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
इसके साथ ही इवेंट मैनेजमेंट, होटल, ट्रांसपोर्ट और फूड सेक्टर में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्किल डेवलपमेंट के जरिए स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
हरियाणा बनेगा नया वेडिंग टूरिज्म हब
अब तक डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए लोग उदयपुर, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों का रुख करते थे। इसके अलावा गोवा और पहाड़ी इलाकों में भी शादियों का ट्रेंड बढ़ा है।
हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि राज्य भी इस रेस में शामिल हो और बाहर से लोग यहां शादियां करने आएं। इससे होटल, ट्रैवल और सर्विस इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा।
सरकार की रणनीति और आगे की योजना
सरकार फिलहाल तीन वेडिंग सिटी के जरिए लोगों का रुझान जानना चाहती है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में अन्य शहरों में भी ऐसे प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर यह योजना हरियाणा को शादी और पर्यटन के नए नक्शे पर लाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि यह प्रोजेक्ट जमीन पर कितनी तेजी से उतरता है और लोगों को कितना आकर्षित कर पाता है।












