Haryana News: हरियाणा में बिना वैध मान्यता और जरूरी दस्तावेजों के चल रहे निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा निदेशालय की जांच में 22 जिलों के करीब 1100 संदिग्ध निजी स्कूलों की जांच की गई, जिसमें 687 स्कूल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं पाए गए। जांच के दौरान इन स्कूलों से मान्यता संबंधी जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन कई स्कूल तय समय सीमा के भीतर न तो दस्तावेज दे सके और न ही संतोषजनक जवाब दे पाए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
413 स्कूलों को मिली राहत
वहीं, जांच के दायरे में आए 413 निजी स्कूलों ने अपने सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इन स्कूलों ने आरटीई (Right to Education) के तहत अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए लगभग तीन हजार सीटें पोर्टल पर दर्ज की हैं। दस्तावेज पूरे होने के बाद इन स्कूलों को राहत दी गई है।
687 स्कूलों पर कार्रवाई तय
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि जिन 687 स्कूलों के पास मान्यता संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन स्कूलों की दाखिला देने की अनुमति (admission rights) भी समाप्त की जा सकती है। साथ ही इनका MIS पोर्टल भी बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग की निदेशक मनिता मलिक ने बताया कि इन स्कूलों को पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वे जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। अब आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित उपायुक्तों को भी पत्र भेजा जा रहा है।
RTE दाखिले की प्रक्रिया जारी
आरटीई (Right to Education) के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए इस बार एक किलोमीटर का दायरा तय किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 6 जुलाई निर्धारित की गई है। छात्र और अभिभावक किसी भी समस्या या शिकायत के लिए शिक्षा विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा शिकायतें पहले खंड स्तर की समिति में दर्ज कराई जाएंगी। अगर वहां समाधान नहीं होता है तो जिला स्तर और फिर संयुक्त निदेशक स्तर पर अपील की जा सकेगी।
शिक्षा विभाग की सख्ती जारी
शिक्षा विभाग का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।













