लंदन से हरियाणा लाई जाएगी 11वीं सदी की मां सरस्वती की प्रतिमा

On: August 2, 2026 2:56 PM
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Haryana Breaking News : लंदन से हरियाणा लाई जाएगी 11वीं सदी की मां सरस्वती की प्रतिमा
Haryana Breaking News : लंदन से हरियाणा लाई जाएगी 11वीं सदी की मां सरस्वती की प्रतिमा

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर की है प्रतिमा अब हरियाणा में स्थापित सरस्वती संग्रहालय में प्रतिष्ठित किया जाएगा

Haryana Breaking News (मेरा हरियाणा), चंडीगढ़ : हरियाणा सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड ने एक बड़ा प्रयास करते हुए सदियों पुरानी मां सरस्वती की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने की राह साफ कर दी है। जानकारी के अनुसार यह प्रतिमा वर्तमान में लंदन स्थित ब्रिटिश म्यूजियम में रखी हुई है। इस प्रतिमा को 19वीं सदी में मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मंदिर से अंग्रेज चुरा ले गए थे। अब हरियाणा सरकार और सरस्वती हेरिटेज विकास बोर्ड के प्रयासों से इसे हरियाणा सरस्वती संग्रहालय में रखा जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच ने बताया कि यह प्रतिमा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की है। हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने भोजशाला परिसर को प्राचीन सरस्वती वाग्देवी मंदिर मानते हुए हिंदू समाज को पूजा का अधिकार दिया है। इस आदेश के बाद प्रतिमा को वापस लाने की मांग और अधिक प्रासंगिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार विदेशों से प्राचीन धरोहरों को वापस लाने का अभियान चला रही है।

इसलिए हरियाणा सरस्वती संग्रहालय में रखी जाएगी प्रतिमा

हरियाणा सरस्वती बोर्ड ने इस विषय पर मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है। बोर्ड का लक्ष्य इस प्रतिमा को भारत लाकर सरस्वती सभ्यता से जुड़े क्षेत्रों में प्रदर्शित करना है। अंतत: इसे हरियाणा में स्थापित सरस्वती संग्रहालय में प्रतिष्ठित किया जाएगा।

संगमरमर से बनी है प्रतिमा

ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, यह प्रतिमा परमार राजवंश के ग्यारहवीं सदी के काल की है। इसे धार क्षेत्र में पुरातात्विक खुदाई के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों ने प्राप्त किया था। उस समय दो प्रतिमाएं मिली थीं, जिनमें से एक वर्तमान में भोजशाला में स्थापित है। दूसरी प्रतिमा ब्रिटिश म्यूजिÞयम में रखी गई है। यह प्रतिमा संगमरमर से बनी है और इसमें संस्कृत तथा देवनागरी में शिलालेख अंकित हैं। यदि यह प्रतिमा भारत वापस लाई जाती है, तो इन शिलालेखों पर गहन शोध किया जाएगा। इससे प्राचीन सभ्यता, सरस्वती नदी और उससे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत के बारे में नई जानकारी मिलेगी।

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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