Haryana Girl NASA Visit: भाखंरी गांव की 10 साल की बेटी आयशा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पूरे गांव का नाम रोशन किया है. आयशा का चयन अमेरिका स्थित नासा के एजुकेशनल टूर के लिए हुआ है. अगले महीने वह अमेरिका जाएगी और नासा का दौरा करेगी. इतनी कम उम्र में नासा जाने का मौका पाने वाली आयशा अपने क्षेत्र की पहली छात्रा मानी जा रही है.
पढ़ाई में शुरू से रही होशियार
आयशा गांव गोद स्थित एक निजी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ती है. उसने पांचवीं कक्षा में मिटस्योर मैथमैटिक्स ओलंपियाड में हिस्सा लिया था. स्कूल स्तर की परीक्षा में उसने पहला स्थान हासिल किया. इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उसने अच्छा प्रदर्शन किया.
जयपुर के इंटरव्यू में दिखाया हुनर
राष्ट्रीय लेवल पर बेहतर प्रदर्शन करने के बाद आयशा को जयपुर में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. यहां तीन सदस्यों की ज्यूरी ने उससे अलग-अलग विषयों से जुड़े सवाल पूछे. आयशा ने बताया कि उसने लगभग सभी सवालों के सही जवाब दिए. इंटरव्यू में उसके प्रदर्शन से प्रभावित होकर ज्यूरी ने उसका चयन नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए कर लिया. फिलहाल आयशा के पासपोर्ट की प्रक्रिया चल रही है.
पासपोर्ट का काम पूरा होने के बाद आयशा अगले महीने अमेरिका रवाना होगी. नासा के दौरे के दौरान उसे अंतरिक्ष विज्ञान और रिसर्च के बारे में करीब से जानने का मौका मिलेगा. आयशा की इस सफलता से उसके परिवार और गांव के लोग काफी खुश हैं.
माता-पिता को बेटी पर गर्व
आयशा के पिता राजकुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं. उसकी मां स्नेहलता के अनुसार, आयशा शुरू से ही पढ़ाई को लेकर सीरीयस रही है और खूब मेहनत करती है. आयशा तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है. उसकी छोटी बहन वंशिका और छोटा भाई रेयांश है.
आयशा की ये उपलब्धि न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है. छोटी उम्र में मिली यह सफलता दूसरे बच्चों को भी मेहनत और पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी.














