Last Updated:
रक्षाबंधन से पहले फरीदाबाद के बाजारों में खरीदारी बढ़ने लगी है और इस बार हल्की व स्टाइलिश ऑर्गेंजा साड़ी महिलाओं को खूब पसंद आ रही है. बल्लभगढ़ मार्केट के दुकानदार विजय विरमानी के मुताबिक ऑर्गेंजा साड़ियों की कीमत 600 से 1200 रुपये तक है. अलग-अलग रंग, प्रिंट और बॉर्डर वाली ये साड़ियां युवा महिलाओं से लेकर गृहिणियों और उम्रदराज महिलाओं तक की पसंद बन रही हैं.
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही फरीदाबाद के बाजारों में महिलाओं की खरीदारी बढ़ गई है. इस बार हल्की और देखने में खूबसूरत ऑर्गेंजा साड़ी महिलाओं को खूब पसंद आ रही है. दुकानों पर अलग अलग डिजाइन, रंग और बॉर्डर वाली साड़ियां नजर आ रही हैं. खास बात यह है कि इनका लुक पहनने के बाद काफी आकर्षक दिखाई देता है. त्योहारों में कुछ नया पहनने की चाह रखने वाली महिलाएं इस डिजाइन को पसंद कर रही हैं.
Local18 से बातचीत में बल्लभगढ़ मार्केट के दुकानदार विजय विरमानी बताते हैं कि इस समय ऑर्गेंजा साड़ियों की मांग काफी अच्छी चल रही है. खासकर युवा महिलाएं हल्के वजन और स्टाइलिश डिजाइन की वजह से इन्हें पसंद कर रही हैं. रक्षाबंधन के मौके पर ग्राहक ऐसे कपड़े तलाश रहे हैं, जिन्हें पहनकर पारंपरिक भी दिखें और फैशन में भी पीछे न रहें। बाजार में कई तरह के प्रिंट और आकर्षक बॉर्डर मौजूद हैं. यही वजह है कि खरीदारी करने पहुंच रही महिलाओं की नजर इन पर जरूर जा रही है.
विजय विरमानी बताते हैं कि ऑर्गेंजा साड़ियों की कीमत 600 रुपये से शुरू होकर 1200 रुपये तक जा रही है. अलग डिजाइन और काम के हिसाब से दाम में अंतर देखने को मिल रहा है. बजट के अनुसार ग्राहक अपने लिए पसंदीदा कपड़ा चुन सकते हैं. कम बजट में त्योहार के लिए अच्छी दिखने वाली साड़ी लेने वाली महिलाओं के बीच यह विकल्प खासा पसंद किया जा रहा है. कई ग्राहक एक साथ अलग रंगों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
विजय विरमानी बताते हैं कि रक्षाबंधन को लेकर भी खरीदारी का माहौल बनना शुरू हो गया है. बहनें त्योहार के दिन घर में रहने के साथ रिश्तेदारों के यहां भी आती जाती हैं. ऐसे में पहनावे को लेकर खास तैयारी रहती है. ऑर्गेंजा का हल्का कपड़ा लंबे समय तक पहनने में सुविधाजनक रहता है. इसी कारण परिवार के साथ बाजार पहुंचने वाली महिलाएं इसे देखकर रुक रही हैं और अपने पसंदीदा रंग तथा डिजाइन के बारे में पूछताछ कर रही हैं.
विजय विरमानी बताते हैं कि गर्मी और उमस के बीच महिलाएं भारी कपड़े से बचना चाहती हैं. ऑर्गेंजा का कपड़ा हल्का होने के कारण पहनने पर ज्यादा बोझ महसूस नहीं होता. त्योहार के दौरान कई घंटे घर के काम या मेहमानों के बीच रहने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा काफी मायने रखती है. इसी वजह से ग्राहक केवल डिजाइन देखकर नहीं बल्कि कपड़े की सुविधा को ध्यान में रखकर भी खरीदारी कर रहे हैं. इस ट्रेंड से दुकानदारों में भी उत्साह है.
विजय विरमानी बताते हैं कि ग्राहकों की पसंद अलग अलग होने के कारण दुकान पर कई रंगों के विकल्प रखे गए हैं. कुछ महिलाएं हल्के रंग पसंद कर रही हैं तो कई ग्राहक चटक रंगों की तरफ आकर्षित हो रही हैं. बॉर्डर और प्रिंट के डिजाइन में भी काफी अंतर देखने को मिल रही है. उनका कहना है कि त्योहार के हिसाब से महिलाएं पहले रंग पसंद करती हैं, फिर कपड़े और डिजाइन को देखती हैं. इसी पसंद ने इस श्रेणी की बिक्री को बेहतर किया है.
विजय विरमानी बताते हैं कि इस फैशन की खास बात यह है कि इसे केवल एक उम्र की महिलाएं ही पसंद नहीं कर रही हैं. कॉलेज जाने वाली युवतियों से लेकर गृहिणियां और उम्रदराज महिलाएं भी अपने हिसाब से डिजाइन देख रही हैं. किसी को सादा बॉर्डर पसंद आ रहा है तो कोई ज्यादा आकर्षक काम वाली साड़ी तलाश रही है. दुकानदार के अनुसार त्योहारों की खरीदारी शुरू होने के साथ ग्राहकों की संख्या में धीरे धीरे इजाफा देखने को मिल रहा है.
दुकानदार विजय विरमानी बताते हैं कि रक्षाबंधन पर इन दिनों कपड़ों की खरीदारी बढ़ने से दुकानदारों को भी कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद होती है. इस बार ऑर्गेंजा साड़ी नया विकल्प बनकर सामने आई है. इसकी खूबसूरती, हल्का कपड़ा और अलग अलग डिजाइन महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं. फरीदाबाद के बाजारों में त्योहारों की रौनक बढ़ने के साथ इस ट्रेंड को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है.











