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Faridabad News: फरीदाबाद के पल्ला से बसंतपुर तक सड़क की बदहाली के खिलाफ स्थानीय लोगों ने दो दिन का सांकेतिक धरना शुरू किया है. करीब 4 लाख आबादी के लिए मुख्य रास्ता होने के बावजूद रोज घंटों जाम, जलभराव और टूटे रास्ते से लोग परेशान हैं. लोगों ने जल्द फोर लेन सड़क बनाने की मांग की है.
फरीदाबाद: फरीदाबाद में सड़क की बदहाली से परेशान लोगों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है. पल्ला से बसंतपुर तक की सड़क पर रोज लगने वाले जाम और टूटे रास्ते से परेशान स्थानीय लोगों ने दो दिन का सांकेतिक धरना शुरू किया है. लोगों का कहना है कि करीब 4 लाख की आबादी के लिए यह सड़क ही मुख्य रास्ता है. दूसरा कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं होने के कारण रोज हजारों लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है. स्कूल जाने वाले बच्चे समय पर नहीं पहुंच पाते और नौकरीपेशा लोगों को भी रोज परेशानी झेलनी पड़ती है. लोगों की मांग है कि पल्ला से बसंतपुर तक सड़क को जल्द से जल्द फोर लेन बनाया जाए.
स्थानीय निवासी विनय बताते हैं कि वे लोग करीब 12 साल से पल्ला से बसंतपुर तक इस सड़क की बदहाली देख रहे हैं. सरकार को जगाने के लिए अभी दो दिन का सांकेतिक धरना दिया जा रहा है. लोगों की मांग है कि सड़क को फोर लेन बनाकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए. इस सड़क की वजह से रोज घंटों जाम में फंसना पड़ता है. बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते और नौकरी पर जाने वाले लोगों को भी देरी होती है. आए दिन ऑटो और गाड़ियां पलटने की घटनाएं होती हैं.
15 साल पुरानी सड़क, फिर भी जाम
विनय कुमार बताते हैं कि इस रास्ते की हालत इतनी खराब है कि ओला और उबर तक बुकिंग कैंसिल कर देते हैं. एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है. अगर मांग पूरी नहीं हुई तो 2 अक्टूबर से धरना लगातार जारी रखा जाएगा. स्थानीय निवासी प्रदीप चौधरी बताते हैं कि इस सड़क की समस्या आज की नहीं, बल्कि करीब 15 साल पुरानी है. केंद्र और प्रदेश सरकार में मंत्री होने के बावजूद इस सड़क का अभी तक समाधान नहीं हुआ है. चुनाव के समय नेता आते हैं और सड़क बनवाने का वादा करके चले जाते हैं. लेकिन जमीन पर आज तक कोई बड़ा काम दिखाई नहीं दिया है. यह अभी सांकेतिक धरना है और अगर समस्या का समाधान हो गया तो धरना देने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं
स्थानीय निवासी पुष्पेंद्र चौधरी बताते हैं कि वे करीब 18 साल से सूर्या विहार पार्ट 2 में रह रहे हैं और इतने सालों से इस समस्या को देखते आ रहे हैं. केंद्र से लेकर प्रदेश तक भाजपा की सरकार है और स्थानीय विधायक व पार्षद भी भाजपा से हैं. इसके बावजूद सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है. सड़क खराब होने से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है. करीब एक घंटे की बारिश में यहां तीन फीट तक पानी भर जाता है. लंबे समय से सिर्फ वादे किए जा रहे हैं, लेकिन सड़क का समाधान नहीं हुआ.
स्थानीय निवासी अमोघ प्रधान बताते हैं कि मैं भी सूर्या विहार का रहने वाला हूं. सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या भाजपा की, इस रास्ते की हालत लंबे समय से खराब है. सरकारें बदलती रहीं लेकिन सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है. लोगों को उम्मीद थी कि नई सरकार के आने के बाद इस रास्ते का समाधान होगा, लेकिन अभी तक कोई स्थायी राहत नहीं मिली है.
मरीज का अस्पताल पहुंचना मुश्किल
स्थानीय निवासी जीत चौधरी बताते हैं कि दिल्ली मुंबई बड़ौदा एक्सप्रेसवे से फरीदाबाद से दिल्ली पहुंचने में 10 से 15 मिनट का समय बताने की बात की जाती है. लेकिन सेहतपुर से बाईपास तक पहुंचने में ही लोगों को घंटों लग जाते हैं. सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने में डेढ़ घंटे तक का समय लग जाता है. ऑफिस से घर लौटने में भी 10 मिनट का सफर कई बार दो घंटे में बदल जाता है. अगर किसी बच्चे या मरीज को रास्ते में परेशानी हो जाए तो जाम की वजह से उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है. नहर के पार जरूरी सुविधाएं होने के कारण यह सड़क लोगों के लिए बेहद अहम है.
टूटे रास्ते की वजह से वाहनों को भी नुकसान
स्थानीय निवासी जीत चौधरी बताते हैं कि आगरा चौक पर जाम की समस्या सबसे ज्यादा गंभीर है. एक बार यहां वाहन फंस जाए तो निकलना मुश्किल हो जाता है. कई बार नेताओं की ओर से सड़क निर्माण को लेकर मौके पर कार्यक्रम किए गए और नारियल भी फोड़े गए, लेकिन सड़क की हालत नहीं बदली. टूटे रास्ते की वजह से वाहनों को भी नुकसान पहुंचता है. अब हमें सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि पल्ला से बसंतपुर तक फोर लेन सड़क चाहिए, यह हमारी मांग है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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