Haryana News: चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में रास्तों पर झूलते बिजली के तारों से दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में, मोहाली के नया गांव में शुक्रवार सुबह बारिश के दौरान करंट लगने से एक युवक की जान चली गई। यह युवक साइकिल लेकर सुबह 5 बजे घर से ड्यूटी के लिए निकला था। बिजली के तारों से जुड़ी इस अव्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट के सख्त रुख के बावजूद अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
एक घंटे पानी में पड़ा रहा युवक
युवक रास्ते में जलभराव और खंभे पर बिजली की तारों के ज्वॉइंट खुले होने से करंट की चपेट में आ गया। करीब एक घंटे तक वह साइकिल समेत पानी में ही पड़ा रहा। इस घटना ने नया गांव में बिजली की तारों की अव्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।
हाईकोर्ट की सख्ती भी बेअसर
चंडीगढ़, नयागांव और आसपास के क्षेत्रों में खुले और खतरनाक बिजली के तारों से लगातार हादसे हो रहे हैं। लोगों की जान जा रही है। जिस पर कुछ दिन पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि खुले तारों से मौतें रोकें, वरना अफसर जिम्मेदार होंगे। इस आदेश पर अफसरों ने कोई सबक नहीं लिया, नतीजतन शुक्रवार की घटना सामने आई है।
दाखिल किया गया पीआईएल
करीब एक महीना पहले नयागांव के विकासनगर में आठ वर्षीय बच्ची की करंट से मौत के बाद पार्षद भूपिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की पीएचडी शोधार्थी ज्योति की करंट से मौत के मामले का भी जिक्र किया था। 28 जुलाई को दक्षिण परिसर में गर्ल्स हॉस्टल-8 के पास खुले बिजली के तारों की चपेट में आने से शोधार्थी की जान चली गई थी।
हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
इस पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ और मोहाली के बिजली अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को इस तरह दुरुस्त किया जाए कि किसी भी व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े।














