आर्मी अफसर के ‘धड़कते दिल’ की खातिर नोएडा में बना ग्रीन कॉरिडोर, चंडीगढ़ से मिनटों में पहुंचा अस्पताल

On: September 11, 2026 2:30 AM
Follow Us:

Last Updated:

Heart Transplant Green Corridor : चंडीगढ़ के एक आर्मी अफसर ने दुनिया से विदा होने के बाद भी किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी देने की मिसाल पेश की. ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने उनका दिल डॉक्टरों को सौंप दिया और चड़ीगढ़ से नोएडा धड़कते दिल को लाया गया. 

'धड़कते दिल' की खातिर नोएडा में बना ग्रीन कॉरिडोर, चंडीगढ़ से पहुंचा अस्पतालZoom

धड़कते दिल के लिए बना ग्रीन कॉरिडोर.

नोएडा : कहते हैं कि इंसान अगर कुछ अच्छा काम करना चाहे तो वो आराम कर सकता है. बिना ये सोचे कि पैसे नहीं है, ये नहीं है, वो नहीं है… ये हम चड़ीगढ़ के आर्मी अफसर ने सीख सकते हैं, जो मरने के बाद भी किसी को नई जिंदगी दे गए. दरअसल, ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने अफसर की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके अंगदान का फैसला लिया. दिल को समय पर पहुंचाने के लिए गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में पहली बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया. हृदय के सुरक्षित अस्पताल पहुंचने पर फोर्टिस हॉस्पिटल के प्रबंधन, स्टाफ, मरीज के परिजनों और आम लोगों ने गौतमबुद्धनगर यातायात पुलिस की तारीफ की.

दरअसल, एक आर्मी अफसर ने मरने से पहले ही अपने अंगदान करने की इच्छा जता दी थी. जब उनका निधन हुआ तो परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान किया. ऐसे में, उनका दिल नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती एक मरीज के हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया. दिल को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने ऐसा ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे करीब 20 किलोमीटर का सफर सिर्फ 16 मिनट में पूरा हो गया.

अफसर का हृदय चंडीगढ़ से हवाई जहाज के जरिए गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट लाया गया. यहां से इसे नोएडा के फोर्टिस अस्पताल, सेक्टर-62 तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती थी. अंगदान के मामलों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आपसी तालमेल से ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया.

नोएडा पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2:03 बजे हृदय को लेकर एंबुलेंस हिंडन एयरपोर्ट से रवाना हुई. ट्रैफिक पुलिस की टीम ने पूरे रास्ते यातायात को नियंत्रित किया और एंबुलेंस के लिए रास्ता साफ रखा. इससे एंबुलेंस बिना रुके आगे बढ़ सकी और समय पर दिल अस्पताल पहुंच गया. करीब 20 किलोमीटर की यह दूरी सिर्फ 16 मिनट में तय की गई.

पुलिस ने इस मौके पर कहा कि अंगदान महादान है. किसी व्यक्ति के अंगदान से दूसरे व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है. गौतमबुद्धनगर पुलिस जीवन बचाने के इस अभियान में पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार है.

About the Author

authorimg

काव्‍या मिश्राSenior Sub Editor

Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

तुस्सी ही कर दो संस्कार… इकलौता भाई मर गया, लेकिन बहन के पास नहीं था टाइम, अस्पताल में ही छोड़कर चली गई

लगातार बढ़ रहा है कद, कौन हैं राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, जिन्हें BJP ने SC मोर्चा का बनाया प्रभारी

‘दोषी को सजा दें..निर्दोष को नहीं’, चंडीगढ़ में UBER और Rapido पर क्यों लगा बैन? पूर्व IAS अशोक खेमका भी विवाद में कूदे, बोले- नासमझी भरा फैसला

Taiwanese Pink Guava | Guava Farming Tips | Farming Tips | अमरूद के 300 पेड़ों पर महिला क्यों बांध रही है पन्नी? वजह जानकर आप भी चौंक जाएंगे

4900 करोड़ से तैयार हो रहा अंबाला-शामली 6-लेन एक्सप्रेसवे, सिर्फ 1.5 घंटे में पूरा होगा सफर, 4 राज्यों की बदल जाएगी रफ्तार

ambala lieutenant success story: 6 बार फेल, फिर 7वीं बार में मारी बाजी… अंबाला के राहुल ऐसे बनें लेफ्टिनेंट, गांव आते ही जोरदार स्वागत