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Faridabad ki local news : दिवाली से ठीक पहले फरीदाबाद के बल्लभगढ़ बाजार में कंबलों की बिक्री घट गई है. पिछले साल इन दिनों कंबल खूब बिके थे. बड़ी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को गिफ्ट देने के लिए कंबल खरीदती हैं, लेकिन इस बार फरीदाबाद के बल्लभगढ़ बाजार में कंबलों की बिक्री काफी कम हो गई है. दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले कंबल करीब 20% तक महंगे हो गए हैं. 1000 रुपये वाला कंबल अब 1200 रुपये में मिल रहा है. बढ़ी कीमतों के चलते ग्राहक खरीदारी से पीछे हट रहे हैं. दुकानदारों को इस बार बिक्री आधी रह जाने का डर सता रहा है.
फरीदाबाद. दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी बढ़ने लगती है. इस दौरान लोग अपने घरों के लिए सामान खरीदने के साथ-साथ बड़ी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को गिफ्ट देने के लिए कंबल खरीदती हैं, लेकिन इस बार फरीदाबाद के बल्लभगढ़ बाजार में कंबलों की बिक्री काफी कम हो गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह कंबलों के बढ़े हुए दाम हैं. दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार कंबल करीब 20 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं. ऐसे में ग्राहक कीमत सुनकर लौट रहे हैं और दूसरी चीजें खरीद रहे हैं. बाजार में दुकानदारों के साथ ग्राहकों ने भी अपनी परेशानी बताई.
पुरानी कीमत पर चाहते हैं
बल्लभगढ़ मार्केट के दुकानदार विजय विरमानी लोकल 18 से बताते हैं कि उनकी दुकान 20 साल पुरानी है. हमारे यहां इसमें इंपोर्टेड कंबल से लेकर सिंगल और डबल बेड तक की सभी वैरायटी मौजूद हैं. पहले बड़ी-बड़ी कंपनियों के लोग भी अपने कर्मचारियों को गिफ्ट देने के लिए कंबल खरीदकर ले जाते थे, लेकिन इस बार बिक्री काफी कम है. इसकी वजह कंबलों के बढ़े हुए दाम हैं. अब कंपनियां अपने बजट के हिसाब से क्रॉकरी और दूसरी चीजें खरीद रही हैं. पिछले साल जो कंबल 1000 रुपये में मिलता था, इस बार उसकी कीमत 1200 रुपये हो गई है. हमारे यहां 500 रुपये से लेकर 4 से 5 हजार रुपये तक के कंबल हैं. इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत तक बिक्री कम होने की आशंका है. ग्राहक पुरानी कीमत के हिसाब से खरीदारी करने आते हैं, लेकिन नए रेट सुनकर दूसरे सामान की तरफ चले जाते हैं.
ग्राहक बोले- देखना पड़ता है बजट
ग्राहक पंकज सिंह बताते हैं कि सीकरी से बल्लभगढ़ बाजार में कंबल खरीदने आया हूं. इस बार कंबलों के रेट काफी बढ़ गए हैं. पिछले साल जो कंबल 500 से 600 रुपये में मिल जाता था, अब उसके लिए 700 से 800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. करीब 20 प्रतिशत तक कीमत बढ़ गई है. ऐसे में अपने बजट के हिसाब से ही सामान खरीदना पड़ता है. अभी कंबल देखने के बाद सोच रहा हूं कि इसकी जगह कोई दूसरा सामान ले लूं.
ग्राहक गौरव ने बताया कि इस बार बाजार में कंबलों की कीमत पहले के मुकाबले ज्यादा लग रही है. ग्राहक अपने बजट के हिसाब से खरीदारी करने आते हैं, लेकिन जब पसंद का कंबल बजट से बाहर हो जाता है तो दूसरी चीजें देखनी पड़ती हैं. पहले जिस कीमत में अच्छी क्वालिटी का कंबल मिल जाता था, अब उसी बजट में हल्की क्वालिटी का सामान मिल रहा है. इसलिए खरीदारी करने से पहले कई दुकानों पर रेट और क्वालिटी की जानकारी ले रहे हैं.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…










