उत्तरी रेलवे प्रशासन ने हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और अत्याधुनिक बनाने के लिए एक ठोस एवं दीर्घकालिक समाधान का रास्ता चुना है। स्टेशन परिसर को चारों ओर से एक मजबूत सुरक्षा घेरे में लाने के उद्देश्य से लगभग 2.2 किलोमीटर (2200 मीटर) लंबी एक ऊँची एवं दृढ़ बाउंड्रीवॉल के निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस सुरक्षा उन्नयन परियोजना के लिए रेलवे ने करीब 2.19 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है और निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है, जिससे आने वाले कुछ ही सप्ताह में साइट पर ठोस निर्माण कार्य के आरंभ होने की पूरी संभावना है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम केवल एक दीवार खड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशन के समग्र प्रबंधन, यात्री अनुभव और सुरक्षा संस्कृति में बदलाव लाने वाला है। वर्तमान में, स्टेशन परिसर के चारों ओर फैली खुली और अव्यवस्थित सीमा के कारण अनाधिकृत प्रवेश, अतिक्रमण की घटनाएं और रात्रिकालीन अवांछित गतिविधियों पर नियंत्रण करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। इस नई दीवार के निर्माण के बाद, स्टेशन में प्रवेश पूरी तरह से निर्धारित और नियंत्रित प्रवेश द्वारों तथा प्लेटफॉर्म मार्गों के माध्यम से ही संभव होगा, जिससे सुरक्षा कर्मियों के लिए निगरानी कार्य अत्यंत सरल एवं प्रभावी हो जाएगा।
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें सुरक्षा के साथ-साथ सौंदर्यीकरण और आधुनिक वास्तुशिल्प को भी प्रमुखता दी गई है। नई बाउंड्रीवॉल को एक आकर्षक एवं समकालीन डिजाइन के साथ बनाया जाएगा, जो न केवल स्टेशन के बाहरी स्वरूप को निखारेगी बल्कि परिसर की सफाई और व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायक होगी। इससे यात्रियों को एक साफ-सुथरे, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।
स्थानीय यात्रियों और दुकानदारों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। एक दैनिक यात्री ने कहा, “रात के समय स्टेशन के कुछ सूनसान कोनों में असुरक्षा की भावना रहती थी। यह दीवार न केवल भौतिक सुरक्षा देगी, बल्कि यात्रियों के मन में एक मनोवैज्ञानिक आश्वस्ति भी पैदा करेगी।” रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह बुनियादी ढांचागत सुधार हिसार स्टेशन को एक मॉडल सुरक्षित स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।













