हरियाणा के 1500 करोड़ रुपए के वर्क स्लिप घोटाले पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम सैनी ने अब बचे हुए 9 जिलों में भी जांच के आदेश दे दिए हैं। इसकी पुष्टि खुद ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने की है। अनिल विज ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को हाईलेवल जांच के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शेष 9 जिलों में भी तुरंत जांच पूरी की जाए, ताकि पूरे मामले पर कोई ठोस फैसला लिया जा सके।
वर्क स्लिप घोटाले को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए अनिल विज ने कहा कि हम घोटालों को छिपाते नहीं हैं। घोटाला हुआ है, सामने आया है और उसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला खुद सरकार ने उजागर किया है।
अनिल विज ने बताया कि हाल ही में बोर्ड की एक बैठक के दौरान बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति और निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ देने में गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसके बाद तुरंत जांच के आदेश दिए गए, जिसमें शुरुआत में हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी जिलों में जांच की गई। इन जिलों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया।
इसके बाद सभी जिलों के DC को निर्देश दिए गए कि वे जिला स्तर पर समितियां बनाकर अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच जारी की गई ऑनलाइन वर्क स्लिप की जांच करें। अब तक 13 जिलों में जांच पूरी हो चुकी है।
जांच में सामने आया कि 13 जिलों में कुल 5 लाख 99 हजार 758 वर्क स्लिप जारी की गई थीं, जिनमें से केवल 53 हजार 249 ही सही पाई गईं, जबकि 5 लाख 46 हजार 509 वर्क स्लिप फर्जी निकलीं। इसी तरह 2 लाख 21 हजार 517 मजदूरों में से सिर्फ 14 हजार 240 ही सही पाए गए, जबकि 1 लाख 93 हजार 756 मजदूर फर्जी निकले।
अनिल विज ने कहा कि कई जगहों पर पूरे गांव के लोगों का फर्जी रजिस्ट्रेशन कर वर्क स्लिप बनाई गईं, ताकि जो लोग योजनाओं के हकदार नहीं हैं, वे भी सरकारी लाभ ले सकें। एक मजदूर को योजनाओं से करीब 2.5 लाख रुपए तक का फायदा मिलता है, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
जांच के दौरान सरल केंद्रों को नए आवेदन स्वीकार न करने के निर्देश दिए गए हैं और सेवा का अधिकार की समय-सीमा भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है। हालांकि पहले से मंजूर पेंशन योजनाएं जारी रहेंगी और मृत्यु, दुर्घटना व अंतिम संस्कार सहायता जैसी योजनाओं का लाभ बिना रुकावट दिया जा रहा है।











