Haryana Govt on Waterlogging Issue: हरियाणा के सबसे हाईटेक शहरों में शुमार गुरुग्राम और फरीदाबाद में बारिश के बाद बुरा हाल हो जाता है। कई जगहों पर इतना पानी भर जाता है कि कारें तक डूब जाती हैं। इसके अलावा अन्य कई शहरों में जलभराव की समस्या देखने को मिलती है। अब सरकार ने इसे देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने अधिकारियों को बारिश के दौरान अपने मुख्यालय पर रहने और अपने क्षेत्रों में जल निकासी की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर सुपर सकर मशीन, जेटिंग मशीन, मोटर, पाइप और दूसरी मशीनरी तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। साथ ही सरकार अब पुराने वाटर वर्क्स और टैंकों की मरम्मत केवल खराब होने के बाद नहीं, बल्कि उनकी हालत के आधार पर पहले से करने की योजना बना रही है।
बारिश में अफसर मुख्यालय पर रहेंगे
पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने विभाग के अधिकारियों को बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी फिलहाल अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी और पेयजल व्यवस्था पर नजर रखेंगे। अगर किसी इलाके में भारी बारिश के कारण जलभराव होता है तो वहां बिना देरी किए जरूरी मशीनरी पहुंचाई जाएगी। इसके लिए सुपर सकर, जेटिंग मशीन, मोटर और पाइप समेत अन्य संसाधन तैयार रखने को कहा गया है।
खराब होने से पहले से होगी मरम्मत
विभाग अब अपने पुराने ढांचे को लेकर नई योजना तैयार कर रहा है। मंत्री ने कहा कि किसी वाटर वर्क्स, टैंक या दूसरे ढांचे के खराब होने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। उसकी उम्र और स्थिति को देखते हुए पहले से ही मरम्मत या बदलाव की योजना बनानी चाहिए। इसके लिए हर सर्किल में रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें यह जानकारी होगी कि कौन-सा ढांचा कब बनाया गया था, उसकी अनुमानित उम्र कितनी है और कब उसकी मरम्मत, अपग्रेडेशन या बदलाव की जरूरत पड़ेगी। इस व्यवस्था से अचानक ढांचा खराब होने और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की समस्या को कम किया जा सकेगा।
पुराने वाटर टैंकों का बनेगा डाटा
बैठक में पुराने और खराब हालत वाले ईंटों से बने वाटर टैंकों का मुद्दा भी उठाया गया। मंत्री ने अधिकारियों से ऐसे सभी टैंकों की जानकारी सर्किल के हिसाब से तैयार करके मुख्यालय भेजने को कहा है। इसके साथ ही इनके अपग्रेडेशन के लिए अनुमानित लागत यानी एस्टीमेट भी तैयार किए जाएंगे। विभागीय मंजूरी मिलने के बाद जरूरत के अनुसार इन टैंकों को चरणबद्ध तरीके से सुधारा जाएगा। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर और साफ पेयजल उपलब्ध कराना है।
बारिश में जल निकासी पर खास नजर
अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अलग-अलग सर्किलों में हाल की बारिश के दौरान किए गए इंतजामों की जानकारी ली गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव की शिकायत मिलने पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मशीनरी का इस्तेमाल करने के साथ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तुरंत भेजे जाएं। बैठक में केवल बारिश और जलभराव ही नहीं, बल्कि पानी बचाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को रिचार्ज बोरवेल, पानी के दोबारा इस्तेमाल और आरसीसी वाटर टैंकों के निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।








