होटल में 4 मुजरा पार्टी, महिलाओं को बुलावा, IAS पंकज अग्रवाल ने खूब की थी अय्याशी, रिभव करता था पेमेंट   

On: September 30, 2026 3:09 PM
Follow Us:

चंडीगढ़. हरियाणा और चंडीगढ़ में आईडीएफसी बैंक में 604 करोड़ रुपये के घोटाले में हाल ही में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है. ऐसे में चार्जशीट में बड़े खुलासे हुए हैं. इस केस में हरियाणा के छह आईएएस अधिकारी भी आरोपी हैं और उन्हें लेकर बड़े खुलासे हुए हैं.

दरअसलस, सीबीआई ने छह आईएएस अधिकारी साकेत कुमार,  राम कुमार सिंह, पंकज आवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन शामिल को आरोपी बनाया है.  चार्जशीट में कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. इसमें सरकारी पैसे से मौज भी की गई है.

आईएएस पंकज अग्रवाल ने सरकारी कैश पर की ऐश

चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल ने सरकारी पैसे पर ऐश की. बैंक के अधिकारी रिभव ऋषि ने अग्रवाल के लिए मुजरा पार्टियों, होटल में ठहरने और महिलाओं की व्यवस्था भी करवाई. पंचकूला से सटे जीरकपुर के एक होटल में नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार बार मुजरा पार्टियां हुई. इनमें डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च रिभव ऋषि ने उठाया.

अमर उजाला की खबह के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक के पास एक निजी होटल में महिला को बुलाया गया और इसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार ने किए थे. 10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल में एक सुइट बुक कर महिला को बुलाया गया.

रिभव ऋषि के पैसों से 75.000 रुपये की पेमेंट की गई. अक्टूबर 2025 में दिल्ली में एक होटल रिभव ऋषि के क्रेडिट कार्ड से बुक कराया गया. अमर उजाला ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि  अक्तूबर 2025 में ही पंकज अग्रवाल की पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल में पार्टी आयोजित की गई और इसका पूरा खर्च रिभव ऋषि ने नकद किया था.गौर रहे कि पंकज अग्रवाल 2000 बैच के आईएएस अफरस हैं.

सुनारों की भूमिका

आईडीएफसी बैंक और एयू स्माल फाइनेंस बैंक में संचालित सरकारी खातों के बैलेंस में कथित गड़बड़ी की गई थी. इसमें अब ईडी ने मंगलवार को मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, श्याम ज्वैलर्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, सुंदर ज्वेलर्स और गौरव कंसल से जुड़े ठिकानों पर रेड डाली थी. ईडी के अनुसार, गौरव कंसल ने कथित तौर पर रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने और कई स्तरों पर घुमाने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई. गौर रहे कि चंडीगढ़ और हरियाणा के सरकारी विभाग के 600 करोड़ से अधिक की रकम आरोपियों ने डकार ली थी. इसमें कुल 17 आरोपी बनाए गए हैं. बैंक के कर्मचारी और अफसरों की मिलीभगत से यह घोटाला हुआ था. हालांकि, बाद में बैंक को यह पैसे सरकार को लौटाने पड़े थे.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

PSEB Exam 2027: बोर्ड परीक्षा फॉर्म की तारीखें जारी, डेडलाइन चूकी तो होगी कार्रवाई

जावेद ने बनकर हिंदू महिला से की शादी, 6 महीने बाद खुला राज तो 3 बच्चों का बाप निकला, 12 साल पुरानी पहली बेगम ने भी काटा बवाल

गुरुग्रामः डेटिंग ऐप के जरिये हुस्न का जाल फेंकती थी MBA पास हसीना, फिर लाखों रुपये वसूलती थी, 90 लाख की वसूली में गिरफ्तार

9 साल की उम्र में मिला वो दर्द और 23 साल से न्याय का इंतजार, बिन टांगों-एक हाथ के एवरेस्ट बेस कैंप तक चढ़ाई करने वाले टिंकेश कौशिक की कहानी

‘मेरे से क्या दिक्कत है…खुल कर बता दें’, अपनी ही सांसद कुमारी सैलजा पर भड़के MLA गोकुल सेतिया, हरियाणा कांग्रेस की लड़ाई फिर सामने आई

गुरुग्राम में भोंडसी में जेल रोड पर दो गुटों में झड़प, STF सदस्यों पर गोलीबारी, कॉन्स्टेबल घायल