हरियाणा के अंबाला जिले से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। जमीन का फर्जी इंतकाल तैयार करने के गंभीर आरोपों में शहजादपुर के तत्कालीन पटवारी महेश कुमार, उसके कथित निजी सहायक संजीव और कंप्यूटर ऑपरेटर विकास कुमार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई DC के आदेश पर DRO द्वारा की गई जांच के बाद अमल में लाई गई है।
2 कनाल 12 मरले जमीन में की गई फर्जीवाड़े की साजिश
मिली जानकारी के अनुसार, शहजादपुर क्षेत्र में स्थित 2 कनाल 12 मरले जमीन के कुछ हिस्सेदारों को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए यह पूरा खेल रचा गया। आरोप है कि पटवारी ने एक हिस्सेदार अर्जुन सिंह की गैरमौजूदगी में ही जमीन की तक्सिम (बंटवारा) कर दी।
इतना ही नहीं, इस प्रक्रिया में फर्जी इंतकाल नंबर 10165 दर्ज कर उसे पड़त पटवार में चस्पा भी कर दिया गया, जबकि अर्जुन सिंह उस समय विदेश में थे।
दो साल बाद खुला मामला, फर्द जमाबंदी से हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल बाद जब अर्जुन सिंह विदेश से लौटे, तो उन्होंने अपनी जमीन की फर्द जमाबंदी निकलवाई।
फर्द देखने पर उन्हें हैरानी हुई कि उनकी मौजूदगी और सहमति के बिना जमीन का बंटवारा कर इंतकाल दर्ज किया जा चुका है। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत की, जिस पर जांच DRO (जिला राजस्व अधिकारी) को सौंपी गई।
जांच में फर्जी पाया गया इंतकाल, बार-बार डिलीट और एंट्री
DRO जांच में सामने आया कि संबंधित इंतकाल पूरी तरह फर्जी था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 30 मई 2024 को बिना किसी उच्च अधिकारी की अनुमति के इंतकाल को बार-बार दर्ज और डिलीट किया गया। अंततः यह इंतकाल पटवारी महेश कुमार की ID से दर्ज किया गया।
गंभीर बात यह भी सामने आई कि उस समय पटवार सर्कल का पूरा रिकॉर्ड पटवारी के पास ही मौजूद था, जिससे गड़बड़ी को अंजाम देना आसान हो गया।
निजी सहायक रखना नियमों के खिलाफ, जांच में बड़ा खुलासा
जांच रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया कि पटवारी महेश कुमार ने संजीव को निजी सहायक के रूप में रखा हुआ था, जबकि पटवारी द्वारा निजी सहायक रखने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
इसी निजी सहायक के जरिए इंतकाल को कई बार दर्ज और डिलीट किया गया। वहीं, इस प्रक्रिया में कंप्यूटर ऑपरेटर विकास कुमार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
प्रशासन का सख्त संदेश: दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजस्व रिकॉर्ड में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर साफ संकेत दिए गए हैं कि जांच के आधार पर आगे और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।









