सिरसा के इस गांव में मनरेगा घोटाला, मृतकों के नाम पर निकाली मजदूरी, लगा दी 132 दिनों की फर्जी हाजिरी

On: January 6, 2026 11:06 AM
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सिरसा

हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा खंड के गांव हंजीरा में मनरेगा (MGNREGA) योजना के तहत बड़ा गोलमाल सामने आया है। यहां मर चुके 6 से 7 लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरी करते हुए दिखाया गया, जबकि ये सभी लोग वर्षों पहले दुनिया छोड़ चुके हैं।

हैरानी की बात यह है कि डिजिटल पोर्टल पर मृतकों की हाजिरी लगती रही और उनके नाम से मनरेगा मजदूरी खातों में ट्रांसफर होती रही। इस मामले ने डिजिटल सिस्टम, पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतकों ने पोर्टल पर किया काम!

जानकारी के अनुसार, गांव में कुताना माइनर की सफाई, गली निर्माण और मरम्मत कार्य जैसे कार्यों में मृत व्यक्तियों के नाम मस्टर रोल में दर्ज किए गए।

  • करीब 132 दिनों की फर्जी हाजिरी

  • ₹50 हजार से अधिक की मजदूरी निकाले जाने का आरोप

सरकारी रिकॉर्ड में मृतक लगातार मजदूरी करते रहे, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है।

ग्रामीण ने दर्ज करवाई शिकायत

गांव निवासी हनुमान ने इस पूरे मामले को लेकर दिशा और ग्रीवांस कमेटी में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मृत मजदूरों के नाम से फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया।

वहीं सरपंच प्रतिनिधि बंसीलाल ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।

अधिकारियों ने दिए जांच के संकेत

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सिरसा के सीईओ सुभाष चंद्र ने कहा कि नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव हंजीरा में मनरेगा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।

किन मृतकों के नाम से निकाली गई मजदूरी?

ग्रामीणों के अनुसार जिन मृतकों को मनरेगा में काम करते हुए दिखाया गया, उनमें शामिल हैं:

  • इंद्रपाल – सड़क हादसे में मौत: 29 जून 2024

  • कलावती – मृत्यु: 21 अगस्त 2017

  • नेतराम – मृत्यु: 15 दिसंबर 2019

  • जगमाल – मृत्यु: 14 अप्रैल 2022

  • रमेश कुमार – मृत्यु: 30 जनवरी 2017

इन सभी के नाम अलग-अलग तारीखों में मनरेगा मजदूरी करते हुए दर्ज किए गए।

परिजनों का बड़ा दावा

मृतकों के परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्होंने अपने परिजनों की मनरेगा मजदूरी की कोई राशि नहीं ली है। इससे मामला और भी गंभीर हो गया है और फर्जीवाड़े की आशंका मजबूत होती दिख रही है।

अब देखना यह होगा कि जांच में पंचायत स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है, और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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