हरियाणा में बढ़ते अपराध और युवाओं पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने ऐसे 67 गानों की सूची तैयार की है, जिनमें अराजकता, हथियारों और गैंगस्टरों का खुलकर महिमामंडन किया गया है। इस कार्रवाई के बाद 29 गायक पुलिस की ‘हिट लिस्ट’ में आ गए हैं, जिनके गानों को समाज और कानून व्यवस्था के लिए खतरा माना गया है।
पुलिस की आपत्ति वाले गानों में सबसे अधिक नाम मासूम शर्मा का सामने आया है, जिनके 19 गाने सूची में शामिल हैं। इसके अलावा नरेंद्र भगाना और अमित सैनी रोहतकिया के छह-छह गाने, आशु ट्विंकल के आठ और मनीषा शर्मा के सात गानों को भी आपत्तिजनक बताया गया है। इन गीतों पर आरोप है कि वे हिंसा, बदमाशी और अपराध को ग्लैमराइज कर युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहे हैं।
इन गानों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा गीत ‘कोर्ट में गोली’, जिसे पिछले नौ महीनों में एक यूट्यूब चैनल पर करीब 32 लाख बार देखा जा चुका है। राहुल पुथी और आशु ट्विंकल द्वारा गाए गए इस गाने में खुलेआम अदालत के भीतर गोली चलाने जैसी बात कही गई है, जिसे न्यायपालिका का अपमान और कानूनहीनता को बढ़ावा देने वाला माना गया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे गीत समाज में डर का माहौल पैदा करते हैं और अपराध को सामान्य बनाने की कोशिश करते हैं।
इसी तरह मासूम शर्मा और मनीषा शर्मा का गीत ‘ट्यूशन बदमाशी का’ भी विवादों में है। इस गाने में हथियार चलाने और बदमाशी सिखाने जैसे बोल हैं, जो हिंसा को एक कौशल की तरह पेश करते हैं। वहीं ‘60 मुकदमे’ गीत, जिसे करोड़ों व्यूज़ मिल चुके हैं, एक ऐसे किरदार को दिखाता है जो बंदूक और आपराधिक छवि के साथ खुद को नायक के रूप में पेश करता है। इसके अलावा ‘तालिबान’, ‘यार तेरा खलनायक’, ‘गुंडे और बदमाश की’ और ‘असला का कीर्तन’ जैसे गाने भी पुलिस की आपत्ति के दायरे में आए हैं।
एसटीएफ के आईजी सतीश बालन ने बताया कि यह कार्रवाई युवाओं पर डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए की गई है। पुलिस ने गायकों, गीतकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से बातचीत कर साफ संदेश दिया है कि हिंसा, हथियार और गुंडागर्दी का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी सामग्री समाज में असुरक्षा बढ़ाती है और अपराधी मानसिकता को बढ़ावा देती है।
डीजीपी अजय सिंघल ने इस अभियान को समाज और युवा पीढ़ी के हित में जरूरी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को उन गैंगस्टरों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जो विदेशों से जबरन वसूली के नेटवर्क चला रहे हैं और ऐसे गाने उनकी छवि को मजबूत करते हैं। पुलिस की सख्ती का नतीजा यह है कि अब तक करीब 60 गाने विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाए जा चुके हैं और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।













