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Ambala ki local news : अंबाला में दिवाली की तैयारी जोरों पर है. बाजारों में दिवाली की सजावट के लिए एक से बढ़कर एक अनोखे आइटम देखने को मिल रहे हैं. सजावट के सामान की कीमत महज 10 रुपये से शुरू होकर 1000 रुपये तक है. 4 फीट वाली बंदनवार की सबसे ज्यादा बिक्री है. फूलों और पत्तियों के डिजाइन के साथ रंग-बिरंगी लटकन वाली बंदनवार भी ग्राहकों को लुभा रही हैं. हाथ से तैयार किए गए शुभ दीपावली पोस्टर भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. इनकी कीमत 100 से 350 रुपये तक है. लोकल 18 से दुकानदार बंटी सोनी बताते हैं कि अंबाला की मार्केट से बंदनवार और सजावटी लड़ियों की सप्लाई पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक होती है. माता लक्ष्मी के चरण प्लास्टिक और लकड़ी दोनों में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 30 से 150 रुपये तक है.
Diwali shoping near me (अंबाला). दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है. घरों को रोशनी और खूबसूरत सजावट से सजाने के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. इस बार अंबाला के बाजारों में दिवाली की सजावट के लिए एक से बढ़कर एक अनोखे आइटम देखने को मिल रहे हैं. यहां बंदनवार के 500 से ज्यादा डिजाइन उपलब्ध हैं. गेंदा, गुलाब और जैस्मिन के फूलों से लेकर पत्तियों, नारियल और धार्मिक आकृतियों वाली बंदनवार ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं. सजावट के सामान की कीमत महज 10 रुपये से शुरू होकर 1000 रुपये तक है. ऐसे में कम बजट में भी लोग अपने घर को आकर्षक लुक दे सकते हैं. दिवाली पर घर के मुख्य दरवाजे को सजाने के लिए बंदनवार की अलग अहमियत है. इसी को देखते हुए अंबाला के बाजारों में 4 से लेकर 15 फीट तक की बंदनवार उपलब्ध हैं. दुकानदारों के अनुसार, इनमें 4 फीट वाली बंदनवार की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है. फूलों और पत्तियों के डिजाइन के साथ रंग-बिरंगी लटकन वाली बंदनवार भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं. बरामदे और हॉल को सजाने के लिए बेल और फूल-पत्ती के डिजाइन वाले झूमर पसंद किए जा रहे हैं. छोटे कोनों की सजावट के लिए चार कोनों वाले झूमर भी बाजार में मौजूद हैं, जिनकी कीमत 10 से 200 रुपये तक है.
इस बार बाजार में हाथ से तैयार किए गए शुभ दीपावली पोस्टर भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. गुजरात से आए इन पोस्टरों में नारियल के डिजाइन के साथ लकड़ी से बनी माता लक्ष्मी की आकृतियां शामिल हैं. इनकी कीमत 100 से 350 रुपये तक है. चमकीली झालरें, देवी-देवताओं की आकृतियों वाली लड़ियां और सिल्वर आइटम भी खूब बिक रहे हैं. कुछ सजावटी सिल्वर आइटम की कीमत 900 रुपये तक है. दुकानदार बंटी सोनी लोकल 18 से बताते हैं कि अंबाला की मार्केट से बंदनवार और सजावटी लड़ियों की सप्लाई पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक होती है. इन लड़ियों की कीमत 20 रुपये से शुरू होती है, जबकि दूसरी सजावटी सामान 1000 रुपये तक उपलब्ध है. इस बार ग्राहकों में काफी उत्साह है.
बंदनवार 100 से 300 रुपये तक
लोग 900 रुपये तक के सिल्वर आइटम भी खरीद रहे हैं. दिवाली पर घर के प्रवेश द्वार पर शुभ-लाभ और स्वस्तिक लगाने की परंपरा के चलते धार्मिक सजावटी सामान की भी खूब मांग है. भगवान श्रीकृष्ण, माता लक्ष्मी और श्याम बाबा की आकृतियों वाले शुभ-लाभ ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं. इसके अलावा बछड़े को दूध पिलाती गोमाता के डिजाइन भी बाजार में उपलब्ध हैं. दुकानदार नीटू अरोड़ा कहती हैं कि इस बार बाजार में कई यूनिक आइटम आए हैं. बंदनवार के खास डिजाइन 100 से 300 रुपये तक मिल रहे हैं. माता लक्ष्मी के चरण प्लास्टिक और लकड़ी दोनों में उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 30 से 150 रुपये तक है. ग्राहक स्वदेशी सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं. भारतीय कारीगरों के सामानों की मांग बढ़ी है.
दिल्ली के मुकाबले सस्ते
इस बार बाजार में सजावट के साथ-साथ आकर्षक और क्रिएटिव आइटम भी देखने को मिल रहे हैं. खरीदारी करने पहुंचे रूपलाल बताते हैं कि अंबाला के बाजार में उन्हें कई ऐसी चीजें देखने को मिलीं, जो पहले काफी अलग हैं. रसगुल्ले और बर्फी के डिजाइन वाली कैंडल्स ने उनका ध्यान खींचा. इसके अलावा 3D डिजाइन वाले सजावटी आइटम भी लोगों को पसंद आ रहे हैं. यमुनानगर से अंबाला खरीदारी करने पहुंचीं मेघा बताती हैं कि वह बंदनवार खरीदने आई हैं. बाजार में 500 से ज्यादा डिजाइन देखकर वह काफी उत्साहित हैं. पिछले साल के मुकाबले इस बार बाजार में ज्यादा रौनक है और सामान भी किफायती दामों पर मिल रहा है. झालरों की कीमत 20 रुपये से शुरू हो रही है. मेघा के अनुसार, दिल्ली के मुकाबले अंबाला में उन्हें अच्छे दामों पर सजावटी सामान मिल रहा है. उन्होंने कई आइटम खरीदे हैं.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…











