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Ambala ki local news : हरियाणा सरकार कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है. योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा. योजना के तहत ट्रैक्टर, ट्रैक्टर चालित रोटरी टिलर, आलू प्लांटर, आलू हार्वेस्टर, पोस्ट होल डिगर, न्यूमेटिक सब्जी ट्रांसप्लांटर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर ट्रिलर, पावर वीडर, नैपसेक स्प्रेयर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, मिस्ट ब्लोअर, पोर्टेबल स्प्रेयर, ब्रश कटर और मैनुअल सब्जी सीडर जैसे उपकरण खरीदे जा सकते हैं. लोकल 18 से अंबाला बागवानी विभाग के अधिकारी विशाल बताते हैं कि अलग-अलग मशीनों के लिए सब्सिडी की दर और अधिकतम सीमा अलग है. महिला किसानों को योजना में प्राथमिकता दी जा रही है.
अंबाला. हरियाणा में बागवानी करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. राज्य सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है. इस योजना के दायरे में सिर्फ छोटे कृषि उपकरण ही नहीं, बल्कि ट्रैक्टर और आलू की खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी शामिल हैं. विभाग के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसका लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा. बागवानी विभाग की इस सब्सिडी योजना के तहत किसानों को फल, सब्जी और फूलों की खेती में काम आने वाले आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है. योजना में 30 से अधिक तरह के कृषि यंत्र शामिल हैं. इनमें ट्रैक्टर, ट्रैक्टर चालित रोटरी टिलर, आलू प्लांटर, आलू हार्वेस्टर, पोस्ट होल डिगर, न्यूमेटिक सब्जी ट्रांसप्लांटर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर ट्रिलर, पावर वीडर, नैपसेक स्प्रेयर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, मिस्ट ब्लोअर, पोर्टेबल स्प्रेयर, ब्रश कटर और मैनुअल सब्जी सीडर जैसे उपकरण शामिल हैं.
किसको कितनी राहत
अंबाला बागवानी विभाग के अधिकारी विशाल ने लोकल 18 को बताया कि अलग-अलग मशीनों के लिए सब्सिडी की दर और अधिकतम सीमा अलग हो सकती है. सामान्य श्रेणी के किसान को मशीन की पात्र लागत पर 40 प्रतिशत तक, जबकि अनुसूचित जाति और कुछ प्राथमिकता श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा सकती है. महिला किसानों को योजना में प्राथमिकता दी जा रही है. किसान को मशीन खरीदने के बाद उसका बिल विभाग में पेश करना होता है. इसी के आधार पर पात्रता और निर्धारित सब्सिडी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है. पात्रता पूरी करने वाले कुछ बागवानी किसानों को ट्रैक्टर खरीदने पर भी सहायता मिल सकती है. करीब तीन साल पुराने और दो एकड़ तक के छोटे बाग से संबंधित पात्र किसान ट्रैक्टर पर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं.
विशाल बताते हैं कि आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए भी योजना उपयोगी है. ट्रैक्टर के पीछे लगने वाले आलू प्लांटर जैसी मशीनों पर भी सब्सिडी का प्रावधान है. करीब 3 लाख रुपये लागत वाली ऑटोमैटिक मशीन पर भी पात्र किसान योजना के तहत लाभ ले सकते हैं. योजना का लाभ लेने के लिए किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है. किसान के पास आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी और जरूरत के अनुसार जाति प्रमाण पत्र और भूमि संबंधी दस्तावेज होने चाहिए. एक किसान को एक वित्तीय वर्ष में योजना के तहत एक बार लाभ मिलने का प्रावधान है.
किसान हरियाणा उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://hortharyana.gov.in/en पर जाकर संबंधित योजना की जानकारी और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया देख सकते हैं. आवेदन के दौरान आवश्यक जानकारी भरने के साथ दस्तावेज अपलोड करने होंगे. आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाली आवेदन संख्या को सुरक्षित रखना जरूरी है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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