पंचकूला में बड़ा एक्शन: रायपुर रानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला सस्पेंड, ACB रिमांड पर जांच तेज

On: February 4, 2026 12:46 PM
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पंचकूला में बड़ा एक्शन: रायपुर रानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला सस्पेंड, ACB रिमांड पर जांच तेज

हरियाणा के पंचकूला जिले से राजस्व विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। रायपुर रानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला को राजस्व विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश के साथ ही उनका मुख्यालय फतेहाबाद तय किया गया है और साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना उपायुक्त की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। हालांकि, फिलहाल तहसीलदार विक्रम सिंगला पंचकूला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हिरासत में हैं।

मामले की जांच कर रही पंचकूला एसीबी की टीम ने मंगलवार को तहसीलदार को कोर्ट में पेश करते हुए सात दिन के पुलिस रिमांड की मांग की थी। एसीबी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस केस से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जानी बाकी है। इसके साथ ही तहसीलदार से संभावित रिकवरी भी करनी है, जिसके लिए रिमांड जरूरी बताया गया।

वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपांशु बंसल ने रिमांड का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि अब तक तहसीलदार से कोई भी बरामदगी नहीं हुई है। एफआईआर में भी किसी प्रकार के पैसों के लेन-देन का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। मामला पूरी तरह दस्तावेजों पर आधारित है और इसमें कोई प्रत्यक्ष शिकायतकर्ता भी सामने नहीं आया है। ऐसे में लंबे पुलिस रिमांड की आवश्यकता नहीं बनती। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने एसीबी को सात दिन की जगह दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया।

इस पूरे प्रकरण की जड़ पर्ल ग्रुप से जुड़ी जमीन बताई जा रही है। जिस जमीन की रजिस्ट्री को लेकर तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार किया गया, उस पर सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि एसडीएम कार्यालय के एक पत्र के आधार पर तहसीलदार ने स्टे समाप्त मानते हुए रजिस्ट्री कर दी। बाद में एसडीएम ने ऐसे किसी पत्र पर अपने हस्ताक्षर होने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद एसीबी ने मामले में जालसाजी और नकली दस्तावेज तैयार करने से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दीं।

तहसीलदार की गिरफ्तारी और रिमांड के बाद अब इस केस में नए नाम सामने आने की अटकलें तेज हो गई हैं। एसीबी से जुड़े सूत्र राजस्व विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी बात कर रहे हैं, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। माना जा रहा है कि तहसीलदार विक्रम सिंगला से पूछताछ और रिमांड पूरा होने के बाद ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आ पाएगी।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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