हरियाणा सरकार ने राज्य की टॉप ब्यूरोक्रेसी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल को कई अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) गृह, जेल और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें वन विभाग में भी अतिरिक्त मुख्य सचिव का प्रभार दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती के लिहाज से अहम माना जा रहा है। गृह और जेल जैसे संवेदनशील विभागों की कमान अब सुधीर राजपाल के हाथों में होगी, जिनका प्रशासनिक अनुभव लंबा और प्रभावशाली माना जाता है।
वहीं, इसी बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा को गृह विभाग से हटाकर वित्त आयुक्त (FCR) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि डॉ. सुमिता मिश्रा स्वास्थ्य विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर पहले की तरह कार्यभार संभालती रहेंगी। वित्तीय मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने आईएएस अरुण गुप्ता को वित्त एवं योजना विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया है। यह विभाग राज्य की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं, आईएएस साकेत कुमार को शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) का कमिश्नर एवं सचिव लगाया गया है। शहरी विकास और नगर निकायों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी अब उनके पास रहेगी।
सरकार द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अनुभवी अधिकारियों को अहम विभागों में जिम्मेदारी सौंपने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।














