Haryana News: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में ट्रैफिक को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शहरों के भीतर से गुजरने वाले हाईवे के ट्रैफिक को बाहर निकालने के लिए प्रदेश में आउटर रिंग रोड और बाईपास विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
एक लाख की आबादी पर रिंग रोड
एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के लिए आउटर रिंग रोड अथवा नेशनल हाईवे विकसित करने की नीति तैयार की जाएगी। इसी नीति की दिशा में आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल की पांच प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक
हरियाणा सचिवालय में शनिवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह व अनुराग अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव अशिमा बराड़, जे़ गणेशन सहित लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए मास्टर प्लान और राज्य की वित्तीय हिस्सेदारी तय करने के मॉडल पर चर्चा हुई।
हिसार बाईपास मार्ग होगा विकसित
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि हिसार बाईपास को शहर के लिए वैकल्पिक बाहरी मार्ग के तौर पर विकसित किया जाएगा। यह हिसार-राजगढ़ रोड पर एनएच-52 को हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ेगा। इससे इन प्रमुख मार्गों के बीच आने-जाने वाले यातायात को शहर के अंदर से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डीपीआर तैयार हो चुकी है। सरकार के अनुसार इस परियोजना पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
नारनौल में 11 किमी लंबा बाईपास
नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा। इसे एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा। इससे शहर में प्रवेश किए बिना संबंधित दिशाओं में जाने वाले वाहनों के लिए नया मार्ग उपलब्ध होगा। दक्षिण हरियाणा में एनएच-919 से पलवल-सोहना बाईपास को जोड़ने के लिए मौजूदा मार्ग का जीर्णोद्धार और री-डिजाइन किया जाएगा। करीब 24 किलोमीटर लंबा यह मार्ग चार मार्गीय बनाया जाएगा। इस परियोजना से सोहना और पलवल के बीच सड़क संपर्क को बेहतर करने के साथ क्षेत्रीय यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा।
जेवर एयरपोर्ट तक नया कॉरिडोर
बैठक में दिल्ली-एनसीआर से हरियाणा की कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली परियोजनाओं पर भी निर्णय लिया गया। डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। वहीं, करनाल रिंग रोड के लिए भूमि शेयर जमा करवाया जा चुका है। अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाले रिंग रोड का निर्माण भी चल रहा है और इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।













