फरीदाबाद: फरीदाबाद में अक्सर किसान बिजली की परेशानी की वजह से परेशान रहते हैं. हालांकि सरकार 8 घंटे बिजली देने का वादा तो करती है, परंतु कई जगह बिजली 8 घंटे बहुत कम आती है. सबसे बड़ी बात यह है कि अभी बरसात का मौसम है और रोज बारिश हो रही है. अब जब बारिश होती है तो बिजली दिनभर गायब हो जाती है. किसान खेतों में सब्जियां, धान या कोई अन्य फसल भी लगाकर रखते हैं, ऐसे में सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ जाती है.
गेहूं के दिनों में भी सिंचाई में दिक्कत होती है और अभी धान का सीजन चल रहा है तो अभी भी किसानों को इसी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. बहुत से ऐसे किसान हैं जहां बिजली 8 घंटे आती ही नहीं है और उसके बाद बिजली 8 घंटे देने की बात होती भी है तो सरकार कहती है कि 15 दिन… दिन में देंगे और 15 दिन रात में देंगे. अब रात में बिजली जब आती है तो कई तरह के खतरे होते हैं. एक तो खेतों पर सांपों का खतरा रहता है और आवारा कुत्तों का भी खतरा रहता है. कई तरह की समस्याएं किसानों के सामने होती हैं. उसके बावजूद रात में बिजली आती है और अगर बिजली चली जाती है तो किसान और ज्यादा परेशान हो जाते हैं.
प्रगतिशील किसान ने लगाया सौर ऊर्जा सिस्टम
फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव में एक प्रगतिशील किसान ने इस समस्या के समाधान के लिए अपने फार्म पर सौर ऊर्जा लगा लिया. किसान ने कई एकड़ में ऑर्नामेंटल प्लांट लगा रखे हैं और वह प्रगतिशील किसान हैं. सौर ऊर्जा लगाने से अब बिजली की किल्लत दूर हो गई है. पहले उनको भी सिंचाई में दिक्कत होती थी, लेकिन अब नहीं होती है. बहुत कम किसानों को पता है कि सौर ऊर्जा लगवाने पर उस पर सब्सिडी भी मिलती है. इस किसान ने भी इसका फायदा उठाया है. आइए जानते हैं कैसे आप अप्लाई कर सकते हैं और कितना बेनिफिट इनको मिल रहा है.
चार साल से सौर ऊर्जा से कर रहे सिंचाई
Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव के किसान यश मोहन सैनी बताते हैं कि बिजली कटौती की वजह से अक्सर परेशानी रहती थी. बहुत ज्यादा दिक्कत होती थी. बिजली रात में आ रही है तो कभी नहीं आ रही है. बारिशों में बिजली कई दिनों तक नहीं आती थी. रात में बिजली आती थी तो खेतों पर सबसे ज्यादा डर सांपों का रहता था. सौर ऊर्जा लगाए मुझे करीब 4 साल हो गए और तब से अब कोई दिक्कत नहीं है. बिजली से सिंचाई भी टाइम से हो जाती है. जब चाहे तब चालू करके कर लो. यह यूनिवर्सल कंट्रोलर में है. मुझे यह बिजली भी दे रहा है. जब इस जगह गर्मी ज्यादा होती है तो पंखा वगैरह, लाइट वगैरह भी मिल जाती है. अब बिजली की कोई समस्या नहीं है. सुबह से लेकर शाम तक ट्यूबवेल चलता है. सिंचाई के लिए मैंने ड्रिप सिस्टम लगाया हुआ है. 1 घंटा चलाता हूं, इसको एक घंटे में मेरा काम हो जाता है.
75 फीसदी सब्सिडी का भी मिलता है फायदा
यश मोहन सैनी बताते हैं कि इस पर सब्सिडी भी सरकार देती है, जो कि बहुत कम किसानों को पता है. इसमें 75% सब्सिडी है. मैंने 4 साल पहले 1 लाख 76 हजार रुपये भरे थे और बोर करवाकर दिया था. बाकी सारा सिस्टम जो है, गवर्नमेंट ने लगाया है. जब से लगाया है कंपनी की सर्विस बहुत ही अच्छी है. Ozone कंपनी का है. सर्विस भी इसकी बहुत अच्छी है. यदि कुछ दिक्कतें भी आ जाती हैं तो तुरंत ही ठीक हो जाती हैं. यदि कुछ कमी होती भी है तो छोटी-मोटी कमी होती है और एक-दो दिन में समाधान हो जाता है. कंपनी वाले आकर कर जाते हैं. कोई दिक्कत नहीं है. ना आंधी में, ना तूफान में. बहुत ही अच्छा है यह सिस्टम.
CSC सेंटर से ऑनलाइन किया था आवेदन
यश मोहन सैनी बताते हैं कि मैंने यह ऑनलाइन CSC सेंटर से अप्लाई किया था, 4 साल पहले. डॉक्यूमेंट में इसको लगवाने के लिए एक तो खेत की जमाबंदी की फर्द चाहिए, जिसके नाम जमीन है और आधार कार्ड चाहिए. उसमें ऑनलाइन हो जाता है. जब ऑनलाइन हो जाता है तो फिर उसमें पेमेंट का लिखा हुआ आता है. पूरे ऑप्शन होते हैं उसमें. 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक का होता है. AC भी है, DC भी है. जो आपको पसंद है और जो कंपनी आपको पसंद है, वो आप भर सकते हो इसमें. एक महीना आया, 15 दिन में ही लगाकर चले जाते हैं कंपनी वाले. बोर वगैरह करवाकर देना पड़ता है.
दिन में कर सकते हैं जरूरत के हिसाब से सिंचाई
यश मोहन सैनी बताते हैं कि जैसे मालूम की रात की बिजली आई है और मैं खेतों में छोटे-छोटे पौधे लगा रखे हैं और ड्रिप सिस्टम से मुझे सिंचाई करनी है. अब रात में तो हो ही नहीं सकती है ड्रिप सिस्टम से उतनी अच्छी सिंचाई. सौर ऊर्जा से मुझे यह फायदा है कि मैं दिन में सिंचाई कर सकता हूं. जब चाहे तब कर सकता हूं. कोई दिक्कत नहीं है मुझे बिजली की.
बिजली की समस्या के बीच सौर ऊर्जा बनी सहारा
फतेहपुर बिल्लौच के किसान यश मोहन सैनी के लिए सौर ऊर्जा अब सिंचाई का बड़ा सहारा बन गई है. पहले जहां बिजली कटौती और रात में खेतों पर सिंचाई करने की वजह से परेशानी होती थी, वहीं अब दिन में जब जरूरत हो तब ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई कर लेते हैं. किसान का कहना है कि सौर ऊर्जा से बिजली की समस्या दूर हुई है और ड्रिप सिस्टम की मदद से पौधों की सिंचाई भी आसानी से हो जाती है.













