हिसार, 05 जून।
जल प्रबंधन को अपनाकर बड़े स्तर पर पेयजल की बचत एवं जल संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है। यह बात जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार विनोद कुमार ने जिले में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि दैनिक जीवन में पानी के उपयोग को व्यवस्थित ढंग से अपनाकर जल की बर्बादी को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि घरों में नलों पर टूंटी लगाकर, नहाने के दौरान शॉवर या खुले नल की बजाय बाल्टी एवं मग का उपयोग करके, वाहनों को पाइप से धोने की बजाय बाल्टी से साफ करके तथा बर्तनों को खुले नल के नीचे धोने के बजाय सीमित पानी के उपयोग से जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। इसके अलावा कृषि कार्यों में पारंपरिक सिंचाई पद्धति के स्थान पर फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाकर भी पानी की बड़ी मात्रा बचाई जा सकती है। जिला सलाहकार ने बताया कि अधीक्षक अभियंता के निर्देशानुसार तथा नोडल अधिकारी आदर्श सिंगला के मार्गदर्शन में जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन तथा तकनीकी स्टाफ की संयुक्त टीमों द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अवैध पेयजल कनेक्शनों और अनधिकृत इंस्टॉलेशन की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले के बाडोपट्टी, खैरी, नंगथला, रावलवास खुर्द, पाली, उमरा और गंगवा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में विशेष अभियान चलाकर अवैध पेयजल कनेक्शनों की जांच की जा रही है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा आवश्यकतानुसार अवैध कनेक्शन काटे भी जा रहे हैं। विनोद कुमार ने बताया कि जिले के अन्य गांवों में भी उपमंडल अभियंताओं, कनिष्ठ अभियंताओं तथा डब्ल्यूएसएसओ स्टाफ की टीमों का गठन कर अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीणों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों और जन-जागरूकता के माध्यम से जल संकट की समस्या का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।
google-site-verification: google37146f9c8221134d.html













