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Faridabad News: फरीदाबाद का ऐतिहासिक सिही गांव, जिसे संत सूरदास जी की जन्मस्थली माना जाता है. आज बदहाल हालात से जूझ रहा है. मंदिर के आसपास सीवर का गंदा पानी, गलियों में जलभराव और गंदगी से ग्रामीण परेशान हैं.
फरीदाबाद: फरीदाबाद का सिही गांव सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान माना जाता है. इस गांव को महाभारत काल से जोड़कर देखा जाता है और यही संत सूरदास जी की जन्मस्थली भी मानी जाती है. हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. लेकिन जिस गांव को उसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के लिए जाना जाना चाहिए, आज वहां की तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आती है.
गांव की गलियों में सीवर का गंदा पानी भरा हुआ है. संत सूरदास जी के मंदिर के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा है. लोगों का कहना है मंदिर तक पहुंचने के लिए भी उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ.
नर्क जैसे हालात
Local18 से बातचीत में चंद्रदत्त बताते हैं कि मैं इसी सिही गांव का रहने वाला हूं. मेरे दादा-परदादा भी यहीं के थे और मेरा जन्म भी इसी गांव में हुआ है. गांव की हालत बिल्कुल नर्क जैसी हो चुकी है. यह कोई एक-दो दिन की समस्या नहीं है, बल्कि कई सालों से लोग इसे झेल रहे हैं. सुबह-सुबह मंदिर के आसपास नाली का पानी भर जाता है, जिससे दर्शन करने आने वाले लोगों को भी परेशानी होती है. हमने कई बार अधिकारियों से लेकर पार्षद तक शिकायत की, फोन भी किए, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है. यह संत सूरदास जी की नगरी है, इसे इस हाल में छोड़ देना बहुत दुख की बात है.
गांव की गलियां बनीं नाला
सब्जी बेचने वाले ओमप्रकाश बताते हैं कि मैं इसी सिही गांव का रहने वाला हूं और रेहड़ी पर घूम-घूमकर सब्जी बेचता हूं. गांव की गलियों में हमेशा पानी भरा रहता है, जिससे रेहड़ी निकालना भी मुश्किल हो जाता है. कई बार ग्राहकों तक पहुंचने में दिक्कत होती है. पिछले 10 साल से मैं यहां रह रहा हूं और हालात में कोई सुधार नहीं देखा. बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है. पूरा गांव ही नरक जैसा बना हुआ है.
40 साल से ऐसे हालात
महिला इंजिला देवी बताती हैं कि मैं इसी सिही गांव की रहने वाली हूं. वैसे मैं बिहार की रहने वाली हूं, लेकिन पिछले 40 साल से यहीं रह रही हूं. मंदिर में पूजा करने जाना भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि रास्ते में गंदा पानी भरा रहता है. कई बार चाहकर भी मंदिर नहीं जा पाती. पिछले 40 साल से यही हालत देख रही हूं. इतना ऐतिहासिक गांव होने के बावजूद यहां की स्थिति बहुत खराब है.
सब्जी बेचने वाले अजय बताते हैं मैं रेहड़ी पर सब्जी बेचता हूं. करीब तीन महीने पहले इस गांव में रहने आया हूं. जब से आया हूं, तब से यही हालत देख रहा हूं. गलियों में पानी भरा रहता है और लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है. मेरी मांग है कि पूरे गांव की गलियों को पक्का किया जाए और पानी निकासी की सही व्यवस्था बनाई जाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके.
सीवर व्यवस्था ठीक करने की अपील
ग्रामीणों का कहना है सिही गांव सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि फरीदाबाद की ऐतिहासिक धरोहर है. संत सूरदास जी की जन्मस्थली होने की वजह से यहां दूर-दूर से लोग आते हैं. ऐसे में अगर मंदिर के आसपास ही सीवर का गंदा पानी भरा रहेगा और गलियां बदहाल रहेंगी, तो यह शहर की छवि पर भी सवाल खड़े करता है. गांव के लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सफाई अभियान चलाए. सीवर व्यवस्था ठीक करे और इस ऐतिहासिक गांव को उसकी पहचान के मुताबिक साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाया जाए.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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