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Ayurvedic medicine tips : होम्योपैथिक दवा धीरे-धीरे अपना असर शुरू करती है. अक्सर लोगों को लगता है कि दवा का असर नहीं हो रहा. इसकी वजह सिर्फ बीमारी या दवा नहीं, बल्कि उसे लेने का तरीका और खान-पान भी हो सकता है. लोकल 18 ने इस बारे में अंबाला की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता से बात की. वे बताती हैं कि कई बार मरीज दवा तो समय पर लेते हैं, लेकिन खान-पान और दूसरी जरूरी सावधानियों का पालन नहीं करते, जबकि दवा लेने का समय और तरीका भी उपचार का हिस्सा है. डॉ. रजिता कहती हैं कि अगर डॉक्टर ने दवा खाना खाने से 20 मिनट पहले या खाना खाने के 20 मिनट बाद लेने की सलाह दी है, तो इस अंतर का ध्यान रखें. दवा लेने के दौरान पानी के सेवन को लेकर भी डॉक्टर के निर्देशों का पालन जरूरी है.
अंबाला. होम्योपैथिक दवा शुरू करने के बाद अगर आपको भी लगता है कि दवा का असर नहीं हो रहा, तो इसकी वजह सिर्फ बीमारी या दवा नहीं, बल्कि उसे लेने का तरीका और खान-पान भी हो सकता है. अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में मरीज अक्सर डॉक्टरों से यही सवाल करते हैं कि नियमित दवा लेने के बावजूद उन्हें राहत क्यों नहीं मिल रही. विशेषज्ञ के अनुसार, होम्योपैथिक उपचार में डॉक्टर की बताई गई समय-सारणी, परहेज और दवा के रख-रखाव का ध्यान रखना जरूरी है. लोकल 18 से अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता बताती हैं कि कई बार मरीज दवा तो समय पर लेते हैं, लेकिन खान-पान और दूसरी जरूरी सावधानियों का पालन नहीं करते. इसके बाद वे शिकायत करते हैं कि दवा का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा. होम्योपैथिक दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए, क्योंकि दवा लेने का समय और तरीका भी उपचार का हिस्सा होता है. डॉ. रजिता के अनुसार, अगर डॉक्टर ने दवा खाना खाने से 20 मिनट पहले या खाना खाने के 20 मिनट बाद लेने की सलाह दी है, तो इस अंतर का ध्यान रखना चाहिए.
प्याज, इलायची से परहेज
डॉ. रजिता कहती हैं कि दवा लेने के दौरान पानी के सेवन को लेकर भी डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना जरूरी है. हालांकि, हर दवा के नियम एक जैसे नहीं होते, इसलिए मरीज को अपनी दवा के संबंध में वही सावधानी बरतनी चाहिए जो चिकित्सक ने बताई हो. कुछ होम्योपैथिक दवाओं के सेवन के दौरान प्याज, इलायची या तुलसी जैसी चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह सभी दवाओं पर लागू नहीं होता. इसलिए मरीज को खुद से किसी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह बंद करने के बजाय डॉक्टर से स्पष्ट जानकारी लेनी चाहिए. धूम्रपान और तेज खुशबू वाली चीजों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
कहां रखें दवा
डॉ. रजिता दवाओं के रख-रखाव को लेकर भी सावधानी बरतने को कहती हैं. उनके अनुसार, होम्योपैथिक दवाओं को सामान्य तापमान पर रखना चाहिए. इन्हें बहुत ज्यादा गर्मी या अत्यधिक ठंडे स्थान पर रखने से बचना चाहिए. दवा की शीशी का ढक्कन अच्छी तरह बंद रखें और दवाओं को तेज खुशबू वाली वस्तुओं से दूर रखें. अगर दवा कागज की पुड़िया में दी गई है, तो उसे सीधे हाथ से छूने के बजाय उसी पुड़िया से लेने की सलाह दी जाती है. डॉ. रजिता के मुताबिक, आजकल कई लोग इंटरनेट या गूगल पर देखकर खुद ही होम्योपैथिक दवाएं लेना शुरू कर देते हैं. यह तरीका सही नहीं है, क्योंकि हर मरीज की समस्या, उम्र और शारीरिक स्थिति अलग होती है. खासकर युवाओं में बालों और त्वचा से जुड़ी परेशानियों के मामले में हार्मोन और खान-पान जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर उपचार किया जाता है. बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है.
डॉ. रजिता कहती हैं कि किसी भी बीमारी में दवा का असर और उपचार की अवधि व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करती है. मरीजों को दवा के साथ परहेज, समय और रख-रखाव के बारे में भी समझना चाहिए. इससे उपचार को लेकर गलतफहमियां कम होंगी और मरीज अपनी समस्या के अनुसार सही तरीके से इलाज करवा सकेंगे.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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