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Gurugram Electricity Crisis : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है. हड़ताल खत्म होते ही गुरुग्राम और नूंह में 46 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है. जबकि, गुरुग्राम में सभी फीडरों से सप्लाई शुरू कर दी गई है. पिछले 46 घंटे से बिजली कर्मचारी हड़ताल पर थे.
हरियाणा में बिजली संकट खत्म. (AI की मदद से बनी तस्वीर)
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है. हड़ताल खत्म होते ही 46 घंटे बाद नूंह और गुरुग्राम में बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है. डीसी उत्तम सिंह की मॉनीटरिंग में सभी सर्कल में सप्लाई बहाल की जा रही है.
DHBVN के सर्किल वन के SE श्यामवीर सैनी ने बताया कि एरिया में 99 प्रतिशत फीडर पर सप्लाई बहाल हो चुकी है.
जबकि, DHBVN के सर्किल 2 के SE मनोज यादव का कहना है कि रात 12 बजे तक एरिया में 100 फीसदी बिजली बहाल कर दी जाएगी.
निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में था प्रदर्शन
HVPN के SE केके सरकार ने बताया कि सब एरिया में ऑपरेशन बहाल हो रहा है. बताते चले कि निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए थे. कर्मचारियों के हड़ताल के कारण कई इलाकों में असर देखने को मिल रहा था. हड़ताल के असर होते ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (Joint Action Committee) ने घोषणा की है कि राज्य में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल की जाएगी.
निजी कंपनियों को नहीं मिलेगा प्रवेश
कर्मचारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हरियाणा के बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे. इन मुद्दों को लेकर कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. बताते चले कि गुरुग्राम में दो दिन पूर्व रात 10 बजे से ही अलग-अलग हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप होनी शुरू हो गई थी. हड़ताल शुरू होते ही महज 12 घंटे में ही बिजली निगम में 3 हजार से ज्यादा शिकायतें बिजली आपूर्ति बाधित होने की पहुंच गई थी. बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो देर रात से ही विभाग में शिकायतें आनी शुरू हो गई थी. रात को जहां 945 शिकायतें बिजली निगम में प्राप्त हुई तो वहीं, सुबह अचानक महज दो घंटे में 2245 शिकायतें प्राप्त हो गई. यही नहीं ऑनलाइन व कॉल सेंटर के नंबरों के माध्यम से लगातार शिकायतें आने का दौर जारी था.
पानी से लेकर खाना बनाने तक में हुई थी मुश्किल
बिजली निगम यूनियन के पदाधिकारियों का कहना था कि सरकार की वादा खिलाफी के कारण ही कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने को विवश होना पड़ा था. दो दिन पहले तक सरकार को चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार के नुमाइंदों ने कर्मचारियों की मांगों को दरकिनार कर दिया. ऐसे में कर्मचारियों ने सांकेतिक रूप से दिन दिन की हड़ताल शुरू कर दी. बुधवार रात 10 बजे से बिजली निगम के कर्मचारी हड़ताल पर आ गए थे. रात से ही लाइनों में आने वाले सभी फाल्ट रिपेयर नहीं किए जा रहे थे. यही कारण है कि गुरुग्राम के 40 प्रतिशत हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी. लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा था. रसोई में महिलाओं को टॉर्च की रोशनी में खाना बनाना पड़ रहा था.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …










