विधायकों के घर में लाइट है.. आम जनता अंधेरे में, फरीदाबाद में बिजली-पानी का संकट, लोगों का फूटा गुस्सा

On: October 23, 2026 6:03 PM
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फरीदाबाद: घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं, पीने के लिए पानी नहीं है, बिजली नहीं है और रातभर अंधेरे में जागकर गुजारनी पड़ रही है. मोबाइल में नेटवर्क तक नहीं आ रहा है. इनवर्टर भी जवाब दे चुका है. ऐसे में घर का काम करें या बच्चों को संभालें. फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है.

हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है. बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और नौकरी करने वाले लोग भी घरों में परेशान बैठे हैं. फरीदाबाद के सेक्टर 62 में लोग पिछले 3 दिनों से बिजली-पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. Local18 की टीम जब लोगों के बीच पहुंची तो उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए जल्द समाधान की मांग की.

विधायकों के घर में लाइट आ रही है

सेक्टर 62 के स्थानीय निवासी पप्पू सोनी बताते हैं कि लाइट 3 दिनों से नहीं हैं. सभी सेक्टर के लोग काफी ज्यादा परेशान हैं. सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं दी जा रही है. हम लोगों की लाइट काट रखी है और विधायकों के घर में लाइट आ रही है. नेताओं के घर में लाइट कटी हो तभी तो पता चले कितनी दिक्कत परेशानियां होती हैं.

घरों में बच्चे भूखे-प्यासे बैठे हैं

मनोज हुड्डा बताते हैं 21 अक्टूबर की रात से बिजली नहीं है. बिजली-पानी दोनों की समस्या बनी हुई है. घरों में बच्चे भूखे-प्यासे बैठे हैं और स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं. बिजली नहीं होने के कारण रोजमर्रा के काम पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. लोग ऑफिस तक नहीं जा पा रहे हैं. सेक्टर के लोग बहुत परेशान हैं. समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. आखिर शिकायत किससे करें, जब लोगों को राहत ही नहीं मिल रही है.

घर में पीने का पानी तक नहीं बचा

राजेश कुमार बताते हैं कि घर में पीने का पानी तक नहीं बचा है. मजबूरी में मुझे करीब 10 किलोमीटर दूर फतेहपुर बिल्लौच से स्कूटी पर पानी लाना पड़ा. जब शहर में बिजली नहीं है तो पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है. घरों में लगे इनवर्टर भी तीन दिन तक बिजली नहीं मिलने के कारण बंद हो चुके हैं. मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा है, जिससे किसी से बातचीत करना भी मुश्किल हो गया है. राजेश कुमार बताते हैं कि बिजली नहीं होने के कारण हालात किसी आपात स्थिति जैसे हो गए हैं. समझ नहीं आ रहा कि आखिर इस परेशानी से कैसे निकलें.

इलाके में पानी लाने का कोई दूसरा साधन भी नहीं

रंगोली सोनी बताती हैं कि बिजली नहीं होने के कारण पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. अगर घरों में पानी होता तो कम से कम बच्चों की जरूरतें पूरी की जा सकती थीं. पानी नहीं होने से खाना बनाने में भी परेशानी हो रही है. कई बार बाहर से खाना मंगवाना पड़ता है, लेकिन घर में पानी नहीं है तो बाकी काम कैसे होंगे. रंगोली सोनी बताती हैं कि अगर बिजली आ जाए तो पानी की सप्लाई समेत कई समस्याओं का समाधान हो सकता है. इलाके में पानी लाने का कोई दूसरा साधन भी नहीं है.

अनीता हुड्डा बताती हैं कि घर में न बिजली है और न ही पानी. छोटे-छोटे बच्चे परेशान हैं और मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसी स्थिति में क्या करें. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं. सरकार को लोगों की परेशानी समझनी चाहिए. बिना बिजली और पानी के परिवार कैसे रहेंगे. बच्चों की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है. आखिर लोग कब तक इस तरह परेशान रहेंगे.

बिजली और इंटरनेट की समस्या के कारण क्लास करने में परेशानी

नमन बताते हैं कि 21 अक्टूबर की रात से बिजली नहीं आने के कारण मेरी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. मैं बीएमएस की पढ़ाई कर रहा हूं और मेरी ऑनलाइन क्लास भी होती हैं. बिजली और इंटरनेट की समस्या के कारण क्लास करने में परेशानी आ रही है. नमन बताते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई के साथ दूसरी गतिविधियों से जुड़ी कक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं. मोबाइल नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा है, जिससे पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है.

सेक्टर 62 के लोगों का कहना है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच आम जनता को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है. 21 तारीख से बिजली नहीं होने के कारण पानी, पढ़ाई और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं. लोग चाहते हैं कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें बिजली और पानी के लिए इस तरह परेशान न होना पड़े.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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