MBBS Stipend 2026: यूपी में 25 हजार, बिहार में 27 हजार, जानें किस राज्य में मेडिकल इंटर्न को कितना पैसा मिलता है?

On: October 22, 2026 11:51 PM
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MBBS Internship Stipend 2026: MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है.जम्मू-कश्मीर सरकार ने MBBS और BDS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है.अब तक इन इंटर्न को हर महीने 12,300 रुपये मिलते थे यानी एक ही फैसले से उनके स्टाइपेंड में हर महीने 12,700 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. खास बात यह है कि इसका फायदा फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) को भी मिलेगा.मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मेडिकल इंटर्न के आंदोलन के बाद यह फैसला घोषित किया है हालांकि केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में भी मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाया गया है. ऐसे में सवाल है कि देश के किस राज्य में MBBS इंटर्न को कितने रुपये मिल रहे हैं और कहां सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है?

जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा

जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न के लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बाद सरकार ने उनके मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला किया है.मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी.उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न को मिलने वाला मासिक स्टाइपेंड 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है.इस फैसले में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) को भी शामिल किया गया है.नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगी.इसका मतलब है कि जिन पात्र इंटर्न पर यह आदेश लागू होगा उनके स्टाइपेंड की गणना अक्टूबर से बढ़ी हुई दर के अनुसार की जाएगी.

MBBS, MBBS Admission, MBBS Internship: जम्‍मू कश्‍मीर के सीएम ने की घोषणा.

हर महीने 12,700 रुपये ज्यादा मिलेंगे

जम्मू-कश्मीर सरकार के इस फैसले से मेडिकल इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में 12,700 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.पहले उन्हें 12,300 रुपये हर महीने मिलते थे जबकि अब 25,000 रुपये मिलेंगे.प्रतिशत के हिसाब से देखें तो यह करीब 103.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है यानी स्टाइपेंड पहले के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो गया है.अगर कोई पात्र इंटर्न पूरे 12 महीने तक नई दर के अनुसार स्टाइपेंड प्राप्त करता है तो उसे सालभर में कुल 3 लाख रुपये मिलेंगे.पुरानी दर से यह रकम 1 लाख 47 हजार 600 रुपये होती थी.इस तरह पूरे 12 महीने के हिसाब से अंतर 1 लाख 52 हजार 400 रुपये बनता है हालांकि किसी इंटर्न को वास्तव में कितनी रकम मिलेगी.यह उसकी पात्रता और इंटर्नशिप की अवधि पर निर्भर करेगा.

मेडिकल इंटर्न क्यों कर रहे थे हड़ताल?

जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे.अपनी मांग को लेकर उन्होंने सितंबर 2026 में हड़ताल शुरू की थी.मेडिकल इंटर्न का कहना था कि उन्हें मिलने वाला मासिक स्टाइपेंड बढ़ाया जाना चाहिए.आंदोलन के बीच 8 सितंबर को सरकार ने इंटर्न से हड़ताल खत्म करने की अपील की थी.उस समय सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने के लिए एक महीने का समय मांगा था लेकिन इसके बाद भी स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला नहीं होने से इंटर्न में नाराजगी बनी रही.

दोबारा शुरू की हड़ताल, आया फैसला

जम्मू-कश्मीर के मेडिकल इंटर्न ने मंगलवार को एक बार फिर अपनी हड़ताल शुरू कर दी थी.उनका आरोप था कि सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर जो भरोसा दिया था उसे पूरा नहीं किया गया.इंटर्न की दोबारा हड़ताल के अगले ही दिन बुधवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा कर दी.सरकार ने MBBS और BDS इंटर्न के साथ फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स को भी इस बढ़ोतरी में शामिल किया.इस फैसले के बाद स्टाइपेंड की नई दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू मानी जाएगी.

उत्तर प्रदेश में भी 25 हजार रुपये हुआ स्टाइपेंड

जम्मू-कश्मीर से पहले उत्तर प्रदेश सरकार भी मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला कर चुकी है.
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 25 अगस्त 2026 को MBBS और BDS इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी.इस फैसले के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों, मेडिकल संस्थानों और मेडिकल यूनिवर्सिटी में इंटर्नशिप करने वाले पात्र स्टूडेंट्स का स्टाइपेंड 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मंजूरी दी गई यानी उत्तर प्रदेश में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में हर महीने 13,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई.प्रतिशत के हिसाब से यह करीब 108.3 प्रतिशत का इजाफा है.सरकार के इस फैसले से लगभग 3,928 मेडिकल और डेंटल इंटर्न को फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई थी.इस तरह उत्तर प्रदेश में भी पात्र MBBS और BDS इंटर्न के लिए 25,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड की दर मंजूर की गई.

उत्तराखंड के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ा स्टाइपेंड

उत्तराखंड में भी MBBS इंटर्न को मिलने वाले मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है.राज्य सरकार ने अपने पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले MBBS स्टूडेंट्स का स्टाइपेंड 17,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का फैसला किया.इस प्रस्ताव को 11 सितंबर 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी.नई दर के अनुसार पात्र इंटर्न को पहले के मुकाबले हर महीने 8,000 रुपये ज्यादा मिलेंगे.यह करीब 47.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. उत्तराखंड में भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मेडिकल इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन किया था.इसके बाद सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

छत्तीसगढ़ में भी 25 हजार रुपये

छत्तीसगढ़ सरकार ने भी 2026 में मेडिकल इंटर्न को राहत दी है.रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 15,900 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है.इस फैसले के बाद इंटर्न को हर महीने 9,100 रुपये ज्यादा मिलने की व्यवस्था की गई.प्रतिशत के हिसाब से यह करीब 57.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.उपलब्ध जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में बढ़ी हुई दर 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है.राज्य में जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था.इन प्रदर्शनों के बाद सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला सामने आया.

मध्य प्रदेश में 21,500 रुपये हुआ स्टाइपेंड

मध्य प्रदेश में भी मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है.राज्य में MBBS इंटर्न को पहले हर महीने 14,337 रुपये स्टाइपेंड मिलता था.साल 2026 में इसे बढ़ाकर 21,500 रुपये कर दिया गया.इस तरह मध्य प्रदेश में मेडिकल इंटर्न को अब पहले के मुकाबले 7,163 रुपये ज्यादा मिलने की दर तय हुई.प्रतिशत के हिसाब से यह लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.मध्य प्रदेश में भी कम स्टाइपेंड को लेकर मेडिकल इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन किया था.इसके बाद स्टाइपेंड में संशोधन की खबर सामने आई हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में संशोधित स्टाइपेंड 21,500 रुपये है जो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में घोषित 25,000 रुपये की दर से कम है.

बिहार में मेडिकल इंटर्न को मिलते हैं 27 हजार रुपये

मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड की तुलना में बिहार का आंकड़ा भी महत्वपूर्ण है.उपलब्ध जानकारी के अनुसार बिहार सरकार ने सितंबर 2025 में मेडिकल इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 20,000 रुपये से बढ़ाकर 27,000 रुपये किया था.इस फैसले से इंटर्न के स्टाइपेंड में हर महीने 7,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई.प्रतिशत के हिसाब से यह 35 प्रतिशत का इजाफा था.दिए गए राज्यों के आंकड़ों की तुलना करें तो बिहार में संशोधित स्टाइपेंड 27,000 रुपये है.यह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर की 25,000 रुपये की दर से 2,000 रुपये ज्यादा है हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बिहार पूरे देश में सबसे ज्यादा स्टाइपेंड देने वाला राज्य है क्योंकि सभी राज्यों और संस्थानों के आंकड़े इस तुलना में शामिल नहीं हैं.

पंजाब में 15 हजार से बढ़कर 22 हजार रुपये

पंजाब सरकार ने भी पिछले साल मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में संशोधन किया था. जुलाई 2025 में पंजाब में मासिक स्टाइपेंड 15,000 रुपये से बढ़ाकर 22,000 रुपये किया गया.इस तरह पात्र मेडिकल इंटर्न को पहले के मुकाबले हर महीने 7,000 रुपये ज्यादा मिलने लगे.यह लगभग 46.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी थी हालांकि पंजाब की संशोधित दर बिहार के 27,000 रुपये और कई दूसरे राज्यों में घोषित 25,000 रुपये के स्टाइपेंड से कम है.

पश्चिम बंगाल में अलग तरीके से बढ़ा स्टाइपेंड

पश्चिम बंगाल में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बदलाव दूसरे राज्यों से थोड़ा अलग तरीके से किया गया.
वहां स्टाइपेंड की गणना एक निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर होती है.राज्य में इस फॉर्मूले में बदलाव करके 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ने की व्यवस्था की गई.संशोधित फॉर्मूला 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी बताया गया है.

किस राज्य में MBBS इंटर्न को कितना स्टाइपेंड?

पिछले दो वर्षों में अलग-अलग राज्यों में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में हुए बदलाव को देखें तो कई जगह बड़ी बढ़ोतरी हुई है.जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड 12,300 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हुआ है.उत्तर प्रदेश में यह 12,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये और उत्तराखंड में 17,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये किया गया.छत्तीसगढ़ में 15,900 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की दर तय की गई है वहीं मध्य प्रदेश में 14,337 रुपये से बढ़कर 21,500 रुपये और पंजाब में 15,000 रुपये से बढ़कर 22,000 रुपये हुआ है.बिहार में 20,000 रुपये से बढ़ाकर 27,000 रुपये किया गया था.पश्चिम बंगाल में स्टाइपेंड की गणना वाले फॉर्मूले में बदलाव के साथ 10,000 रुपये की अतिरिक्त राशि शामिल की गई.इन आंकड़ों से साफ है कि मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में अलग-अलग राज्यों में काफी अंतर बना हुआ है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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