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Broad Bed Farming System: अगर आपके पास खेती के लिए जमीन का छोटा-सा टुकड़ा है या खेत निचले इलाके में है जहां बारिश के मौसम में पानी भर जाता है तो यह तकनीक आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है. इस तकनीक की मदद से किसान एक ही खेत में धान के साथ कई तरह की सब्जियों की खेती भी कर सकते हैं. दरअसल रोहतास जिले के बिक्रमगंज स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने इसका सफल प्रयोग करके दिखाया है. उन्होंने एक ही खेत में धान के साथ अलग-अलग तरह की सब्जियां उगाई हैं. इस तकनीक को ब्रॉड बेड (Broad Bed) सिस्टम नाम दिया गया है.
इस सिस्टम में खेत को एक के बाद एक ऊंचे और नीचे बेड में तैयार किया जाता है. इसमें लगभग 6 फीट चौड़ा ऊंचा बेड और 2 फीट चौड़ा निचला बेड बनाया जाता है. ऊंचे बेड पर सब्जियों की खेती की जाती है जबकि निचले बेड में धान लगाया जाता है.
निचले हिस्से में पानी जमा रहने की व्यवस्था होती है. जिससे धान की फसल को फायदा मिलता है. वहीं, ऊंचाई पर होने के कारण सब्जियों की फसल को जलभराव से बचाने में मदद मिलती है.
कृषि विज्ञान केंद्र, बिक्रमगंज के वैज्ञानिक डॉ. रमाकांत सिंह ने बताया कि उन्होंने एक बीघा के प्लॉट में इस तकनीक का प्रयोग करते हुए धान के साथ धनिया, मटर, पालक, गाजर, मूली समेत नौ तरह की सब्जियों की खेती की है. एक ही खेत में धान और सब्जियों की फसल लहलहा रही है. इस तकनीक से किसान सीमित जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं और एक ही खेत से अलग-अलग फसलें प्राप्त कर सकते हैं.
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खास बात यह है कि बारिश के मौसम में जब निचले खेतों में जलभराव के कारण सब्जियों की खेती करना मुश्किल हो जाता है. तब ऊंचे बेड पर सब्जियां लगाने का विकल्प मिल सकता है. इससे किसानों को मौसम के अनुसार खेती की योजना बनाने में मदद मिलती है. डॉ. रमाकांत सिंह के अनुसार इस तकनीक में खाद और दवाओं का अनावश्यक इस्तेमाल करने की जरूरत भी कम हो जाती है.
सिर्फ खरीफ ही नहीं बल्कि रबी के मौसम में भी किसान इसी तरीके को अपनाकर खेती कर सकते हैं. उस दौरान निचले बेड पर गेहूं और ऊंचे बेड पर सब्जियां लगाई जा सकती हैं. इस तरह ब्रॉड बेड तकनीक छोटे किसानों के लिए कम जमीन में विविध फसलें उगाने और खेती से बेहतर आमदनी की संभावनाएं तलाशने का एक उपयोगी विकल्प बन सकती है.











