Haryana: रेवाड़ी। अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए सरकार ने धारा 7-ए लागू की थी। लेकिन अधिकारियो की मिली भग्त के चलते ये आदेश अब हवाई रहे है। अभी हाल में एक बडा खुलासा हुआ है तहसीलदार किस तरह से सरकार को चूना लगाकर रजिस्ट्री कर रहे है।Haryana
हुआ खुलासा: बावल की तहसील में हुई रजिस्ट्री की जांच से बडा खुलासा हुआ है। बता दे कि इस तहसील में नायब तहसीलदार की ओर से ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई जिससे नियमों को ताक कर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। आलम यहां तक है कि पिछले करीब एक महीने में ही 60 से 70 रजिस्ट्रियां इसी तरीके से कर दी गईं, जिससे अवैध प्लॉटिंग के नियम धरे रह गए है।
जानिए क्या है नियम: बता दे कि हाल में अवैध प्लोटिंग को लेकर हरियाणा सरकार ने धारा 7-ए लागू किया हुआ है। इतना ही ऐसे इलाको पर बोर्ड भी लगाए ताकि लोग इस जमीनो के चलते बिल्डरों के चुंगल में नहीं आए। लेकिन इसके बावजूद बावल में एक दो नहीं 70 से ज्यादा अवैध प्लाटिंग की रजिस्ट्री हुई है।
नियमों के मुताबिक 8 कनाल से कम जमीन की रजिस्ट्री के लिए नगर योजनाकार विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होता है। ऐसे में बिना एनओसी रजिस्ट्री करना अवैध है। ऐसा इसलिए किया गया है कि अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग को रोका जा सके। लेकिन कुछ मामलों में जमीन को कागजों में 8 कनाल से थोड़ा अधिक दिखाकर या उसे कई हिस्सों में बांटकर रजिस्ट्रियां कर दी गईं।
इसके बाद बिजली विभाग और अन्य विभागों से कनेक्शन लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाती है, जिससे धीरे-धीरे वहां निर्माण कार्य शुरू हो जाता है और बाद में पूरी कॉलोनी विकसित हो जाती है।
रजिस्ट्री को लेकर नया खेल: बता दे अभी हाल में एक नया खुलासा हुआ है। इस तरह की रजिस्ट्रियों से न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा भी मिल रहा है। आलम यहां तक धउल्ले से एक माह से 70 से ज्यादा रजिस्ट्री नियमों को ताक पर रखते हुए की गई है।
भेजा नोटिस: इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला योजनाकार विभाग ने जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर ऐसी संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जांच कराने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही तहसीलदार को भी रजिस्ट्रियों के दौरान जमीन के वास्तविक क्षेत्रफल और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि अवैध प्लॉटिंग के इस खेल पर प्रशासन किस तरह अंकुश लगाता है और नियमों के उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई होती है या नहीं ।
—













