Haryana News: हरियाणा में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा बजट भाषण में घोषित योजना पर अब अमल शुरू हो गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को अब टाटपट्टी की जगह ड्यूल डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी।
इस योजना को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को 200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, अक्टूबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और 1 नवंबर से सभी जिलों के स्कूलों में ड्यूल डेस्क पहुंचनी शुरू हो जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर तक किसी भी स्कूल में बच्चा जमीन पर न बैठे।
प्रदेश में अभी भी कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चे टाटपट्टी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस स्थिति को बदलने के लिए करीब 14 हजार स्कूलों में लगभग 3 लाख ड्यूल डेस्क उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
पहले भी कुछ जिलों में ड्यूल डेस्क भेजी गई थीं, लेकिन खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने के बाद इसे रोक दिया गया था। इस बार सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी, ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि ड्यूल डेस्क लोहे की बनी होंगी और उनका डिजाइन ऐसा होगा, जिससे बच्चों को बैठने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। निर्धारित एजेंसी नवंबर से स्कूलों में इनकी आपूर्ति शुरू करेगी।
यह पहल हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ छात्रों के पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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