Haryana Job Security Portal: हरियाणा सरकार ने जॉब सिक्योरिटी सेवा पोर्टल पर ओटीपी जनरेशन और कर्मचारी डेटा से जुड़ी लगातार आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि पात्र अनुबंध कर्मचारियों का डेटा संबंधित विभागों में पूर्ण रूप से अपडेट और सत्यापित किया जाए, ताकि सेवा सुरक्षा का लाभ बिना किसी तकनीकी अड़चन के मिल सके।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि पात्र कर्मचारियों का रिकॉर्ड Haryana Kaushal Rozgar Nigam और Treasury and Accounts Department Haryana के डेटाबेस में सही तरीके से दर्ज होना अनिवार्य है। विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि डेटा में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे, जिससे ओटीपी जनरेशन की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
दरअसल, 30 जनवरी को भी राज्य सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई विभागों और अनुबंध कर्मचारियों की ओर से शिकायतें सामने आईं कि पात्रता मानदंड पूरे करने और 15 अगस्त 2024 तक पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बावजूद ओटीपी जनरेट नहीं हो रहा है। इन शिकायतों के बाद की गई जांच में कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियां सामने आई हैं।
जांच में पाया गया कि ओटीपी जनरेशन में बाधा के प्रमुख कारणों में कर्मचारियों का गलत या बदला हुआ मोबाइल नंबर, फैमिली आईडी में त्रुटियां और वेतन या मानदेय का संविदा मद के बजाय अन्य मद से भुगतान शामिल है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में संबंधित प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष या आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) को औपचारिक सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि करनी होगी कि संबंधित व्यक्ति वास्तविक अनुबंध कर्मचारी है, उसकी सेवा अवधि का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है, नियुक्ति अनुबंध आधार पर हुई है और भविष्य में वेतन का भुगतान उचित संविदा मद से ही किया जाएगा।
सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना विधिवत सत्यापन प्रमाण पत्र के किसी भी आवेदन पर Haryana Kaushal Rozgar Nigam और Treasury and Accounts Department Haryana द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रमाणित सूचना प्राप्त होने के बाद दोनों विभाग आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सत्यापित डेटा Haryana Knowledge Corporation Limited को भेजेंगे, ताकि ओटीपी जनरेशन की तकनीकी प्रक्रिया सक्षम हो सके और पोर्टल का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा जिन मामलों में विभाग, जिला कार्यालय, पद या डीडीओ का नाम सुरक्षा सेवा पोर्टल के ड्रॉप-डाउन मेनू में प्रदर्शित नहीं हो रहा है, उन्हें तुरंत संबंधित प्राधिकरण के संज्ञान में लाकर सुधार कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने दोहराया है कि पार्ट-1 और पार्ट-2 कर्मचारियों के डेटा प्रबंधन की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय है। खजाना एवं लेखा विभाग संबंधित डीडीओ से सत्यापित पार्ट-2 डेटा उपलब्ध कराएगा, जबकि हरियाणा कौशल रोजगार निगम रीयल-टाइम सटीक डेटा साझा करेगा, ताकि सुरक्षा सेवा पोर्टल का संचालन पारदर्शी, सुरक्षित और निर्बाध रूप से हो सके।
राज्य सरकार के इन सख्त निर्देशों से यह संकेत साफ है कि पात्र अनुबंध कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का लाभ देने की प्रक्रिया में अब किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











