Haryana News: हरियाणा में गैंगस्टरों, गन कल्चर का महिमामंडन करने वाले गीतों और म्यूजिक वीडियो बनाने और बजाने पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने ऐसे ऑनलाइन कॉन्टेंट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने निगरानी के लिए अलग समिति बनाई है, जो गीतों, म्यूजिक वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री की समीक्षा कर रही है। अब तक इस तरह के 67 गीत अलग-अलग प्लेटफॉर्म से हटाए गए हैं।
गीतकारों के साथ पुलिस की बैठक
एसटीएफ ने हरियाणवी संगीत से जुड़े गायकों, गीतकारों और निर्माताओं के साथ बैठक कर गैंगस्टरों और हथियारों के महिमामंडन के युवाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा की। इसके बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसे कॉन्टेंट की निगरानी बढ़ाई गई। संबंधित प्लेटफॉर्म को सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत नोटिस भेजकर सामग्री हटाने की कार्रवाई की गई। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के मुताबिक, अपराधियों को ग्लैमर देने वाला कॉन्टेंट युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकता है। पुलिस का मकसद ऐसे कॉन्टेंट पर रोक लगाने के साथ युवाओं को अपराध और कट्टरपंथी प्रभाव से दूर रखना है।
200 युवाओं की काउंसलिंग
पुलिस ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टर और गन कल्चर से प्रभावित करीब 200 युवाओं की पहचान की। एसटीएफ ने इनकी काउंसलिंग कर उन्हें अपराध की राह से दूर रखने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया। पुलिस का फोकस केवल आपत्तिजनक सामग्री हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके प्रभाव में आने वाले युवाओं तक पहुंचने पर भी है।
कट्टरपंथियों के अकाउंट हटाए
पुलिस के अनुसार, आतंकवादी शहजाद भट्टी से जुड़े युवाओं के कट्टर पंथीकरण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 12 इंस्टाग्राम अकाउंट की पहचान कर उन्हें हटवाया गया। गैंगस्टर, हथियार और हिंसा को बढ़ावा देने वाले दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट और सामग्री की जानकारी अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी साझा की गई है।
जारी की गई एडवाइजरी
अपराधियों के महिमामंडन को रोकने के लिए मीडिया संस्थानों, कॉन्टेंट क्रिएटर्स और आम लोगों के लिए एडवाइजरी भी तैयार की गई है। अगस्त 2025 में हरियाणा विधानसभा में पारित प्रस्ताव के संदर्भ में तैयार इस एडवाइजरी को सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के माध्यम से मीडिया संस्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के उस निर्देश की कड़ी में भी है, जिसमें शराब, नशे और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों को सार्वजनिक रूप से बजाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।











