केंद्र सरकार के निर्णय के अनुरूप हरियाणा सरकार ने 100 मिलीग्राम से अधिक क्षमता वाली पेनकिलर दवा ‘निमेसुलाइड’ के निर्माण, बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
दवा के दुष्प्रभावों से आम जनता को बचाने का प्रयास
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि यह फैसला आम लोगों को संभावित दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और लोगों की सेहत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों की सलाह और केंद्र के निर्देशों के अनुरूप फैसला
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाओं का उद्देश्य मरीजों को राहत देना होता है, उनके स्वास्थ्य को खतरे में डालना नहीं। इसी सोच के तहत विशेषज्ञों की सलाह और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के जोखिम को समय रहते रोका जा सके।
दवा निर्माताओं और मेडिकल स्टोरों को सख्त निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर के दवा निर्माता, थोक विक्रेता, केमिस्ट और मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंध का सख्ती से पालन करें। विभाग ने साफ किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियमित जांच और निगरानी होगी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि बाजार में प्रतिबंधित शक्ति की निमेसुलाइड उपलब्ध न रहे, इसके लिए नियमित जांच और सतत निगरानी की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किस पर लगी रोक और क्या रहेगा वैध? (जानकारी के लिए)
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| 100 mg से अधिक क्षमता वाली निमेसुलाइड | प्रतिबंधित |
| कम निर्धारित सीमा वाली दवाएं | नियमों के अनुसार |
| निर्माण | प्रतिबंधित |
| बिक्री और वितरण | प्रतिबंधित |
| नियम उल्लंघन | कानूनी कार्रवाई |











