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Study Tips: B.Com के बाद CA बनना चाहते हैं, तो तैयारी कब शुरू करें? रोजाना कितने घंटे पढ़ाई जरूरी है और कोचिंग पर कितना खर्च आएगा? अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शोभना गोयल से जानिए CA बनने का पूरा रास्ता, फीस और कम खर्च में तैयारी करने का तरीका.
फरीदाबाद: B.Com की पढ़ाई कर रहे हैं और आगे चलकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना चाहते हैं, तो आपके मन में भी सवाल होगा कि इसकी तैयारी कब से शुरू करनी चाहिए. क्या ग्रेजुएशन के साथ ही CA की पढ़ाई करना फायदेमंद रहता है या डिग्री पूरी होने के बाद इसकी तैयारी शुरू करनी चाहिए? इसके लिए रोजाना कितने घंटे पढ़ना जरूरी है और कोचिंग पर कितना खर्च आएगा? आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी कम खर्च में CA कैसे बन सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी हो सकते हैं.
Local18 से बातचीत में अग्रवाल कॉलेज, बल्लभगढ़ के कॉमर्स विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शोभना गोयल बताती हैं कि B.Com के विद्यार्थियों के लिए CA कोर्स काफी उपयोगी है और इसमें आगे बढ़ने के अच्छे विकल्प हैं. CA करने के दो रास्ते हैं. पहला 12वीं के बाद फाउंडेशन कोर्स के जरिए और दूसरा B.Com के बाद डायरेक्ट एंट्री के जरिए है. विद्यार्थी B.Com फाइनल में आते ही CA कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके लिए आठ महीने की थ्योरी स्टडी पूरी करना अनिवार्य है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट में अच्छा अवसर
डॉ. शोभना गोयल बताती हैं कि B.Com के बाद CA करना फायदेमंद है. आज भारत में करीब साढ़े पांच लाख CA सक्रिय हैं. अगर देश की अर्थव्यवस्था इसी गति से बढ़ती रही, तो 2050 तक करीब 50 लाख चार्टर्ड अकाउंटेंट की जरूरत हो सकती है. ऐसे में इस क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए अच्छे अवसर हैं.
डॉ. शोभना गोयल बताती हैं कि CA कोर्स में विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट और फाइनल की पढ़ाई करनी होती है. इंटरमीडिएट में दो ग्रुप और कुल आठ पेपर होते हैं, जबकि फाइनल में छह पेपर होते हैं. दोनों ग्रुप पास करने के बाद विद्यार्थी फाइनल की परीक्षा की ओर बढ़ते हैं. इसके लिए ICAI की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है.
दस घंटे पढ़ाई करने की जरूरत
डॉ. शोभना गोयल बताती हैं कि CA की तैयारी के लिए रोजाना आठ से दस घंटे पढ़ाई करने की जरूरत होती है. इसके साथ दो साल की आर्टिकलशिप यानी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी करनी होती है. इसमें विद्यार्थियों को CA के साथ काम करके व्यावहारिक अनुभव मिलता है, जो परीक्षा और आगे के करियर में मदद करता है.
कम खर्च करके लाखों रुपए कमाने का अवसर
डॉ. शोभना गोयल बताती हैं कि CA की पढ़ाई के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है. यह सेल्फ स्टडी पर आधारित कोर्स है. विद्यार्थी चाहें तो घर पर पढ़ाई करके भी परीक्षा पास कर सकते हैं. जरूरत महसूस होने पर किसी विषय की कोचिंग लेना वैकल्पिक है. इंटरमीडिएट की फीस 18 हजार रुपये और फाइनल की फीस 22 हजार रुपये है. कोचिंग का खर्च अलग हो सकता है. CA ऐसी पढ़ाई है, जिसमें कम खर्च करके आगे चलकर लाखों रुपये कमाने के अवसर मिल सकते हैं. इसके लिए विद्यार्थियों को मेहनत और रोजाना पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए.







