किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत हरियाणा में बीमा कंपनियों ने पिछले तीन वर्षों में भारी मुनाफा कमाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच बीमा कंपनियों ने हरियाणा में कुल 2,096 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
इस अवधि में राज्य से कुल 2,827.02 करोड़ रुपये का ग्रॉस प्रीमियम वसूला गया, जबकि किसानों को मात्र 731 करोड़ रुपये का क्लेम भुगतान किया गया। इससे बीमा कंपनियों को बड़ा वित्तीय फायदा हुआ, जबकि किसान मौसम की मार और क्लेम में देरी से जूझते रहे।
हरियाणा में साल-दर-साल प्रीमियम और मुनाफा (करोड़ रुपये में)
| वर्ष | ग्रॉस प्रीमियम | किसानों को भुगतान क्लेम | कंपनियों का शुद्ध लाभ |
|---|---|---|---|
| 2023 | 756.10 | 284 | 472.10 |
| 2024 | 1,067.24 | 352 | 715.24 |
| 2025 | 1,003.68 | 95 | 908.68 |
| कुल | 2,827.02 | 731 | 2,096.02 |
सबसे ज्यादा मुनाफा वर्ष 2025 में हुआ, जब कंपनियों ने 1,003.68 करोड़ रुपये प्रीमियम लिया, लेकिन सिर्फ 95 करोड़ रुपये का क्लेम भुगतान किया। इससे कंपनियों को 908.68 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ मिला।
प्रीमियम का पैसा कौन देता है?
PMFBY के तहत प्रीमियम तीन हिस्सों से मिलकर बनता है:
किसान का हिस्सा
हरियाणा सरकार का हिस्सा
केंद्र सरकार का हिस्सा
तीन वर्षों में:
हरियाणा सरकार का योगदान: 1,047.51 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार का योगदान: 1,047.51 करोड़ रुपये
किसानों का योगदान: 732 करोड़ रुपये
इस तरह सरकार और किसानों के पैसे से बीमा कंपनियों को बड़ा वित्तीय लाभ मिला।
पूरे देश में कंपनियों ने कमाए 47,216 करोड़ रुपये
देशभर में भी बीमा कंपनियों को भारी मुनाफा हुआ।
| वर्ष | ग्रॉस प्रीमियम | शुद्ध लाभ |
|---|---|---|
| 2023 | 30,319.87 | 9,471.87 |
| 2024 | 30,500.37 | 17,125.37 |
| 2025 | 21,195.28 | 20,619.28 |
| कुल | 82,015.52 | 47,216.52 |
साल 2025 में अकेले कंपनियों ने देशभर में 20,619.28 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
किसान संगठनों ने उठाए सवाल
अखिल भारतीय किसान सभा के नेता बलबीर सिंह ठाकरन ने आरोप लगाया कि योजना का फायदा किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भिवानी और चरखी दादरी के किसान बीमा क्लेम जारी करने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
योजना पर उठ रहे गंभीर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि योजना का उद्देश्य किसानों को सुरक्षा देना है, लेकिन क्लेम भुगतान कम और कंपनियों का मुनाफा ज्यादा होना चिंता का विषय है। इससे योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।












