हरियाणा के हिसार जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए जेजेपी से जुड़े नेता और डॉक्टर अनंतराम को भ्रूण लिंग जांच करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौजूद पुलिस ने डॉक्टर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बरवाला स्थित बालाजी क्लिनिक में की गई, जहां अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच किए जाने की गुप्त सूचना विभाग को मिली थी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर अनंतराम द्वारा लंबे समय से पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना के आधार पर डॉ. अनामिका बिश्नोई के नेतृत्व में गठित टीम ने पुलिस के सहयोग से क्लिनिक पर छापा मारा। रेड के दौरान क्लिनिक की ऊपरी मंजिल पर डॉक्टर अनंतराम भ्रूण लिंग जांच करते पाए गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लिनिक में दस्तावेजों और उपकरणों की गहन जांच कर रही है।
डॉक्टर अनंतराम पर इससे पहले भी भ्रूण लिंग जांच के सात मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद वह अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया। जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले ही डॉक्टर अनंतराम हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा होकर बाहर आया था। बेटे की बीमारी और निधन का हवाला देकर उन्होंने बेल ली थी, लेकिन जमानत मिलने के बाद दोबारा उसी अवैध धंधे में शामिल हो गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो डॉक्टर अनंतराम बरवाला विधानसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जेजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें इसमें हार का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि डॉक्टर का बड़ा बेटा ऑस्ट्रेलिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जबकि उनकी पुत्रवधू ही बरवाला में क्लिनिक का संचालन संभालती है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, डॉक्टर अनंतराम बरवाला पर यह आठवां भ्रूण लिंग जांच का मामला है। वर्ष 1999 में उनके खिलाफ पहला केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2015, 2016, 2018, 2021 और 2023 में पीएनडीटी एक्ट के तहत लगातार मामले दर्ज होते रहे। 14 अक्टूबर 2023 को छठा केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2020 में डॉक्टर अनंतराम और उनके बेटे के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत का भी मामला दर्ज किया गया था।
इस ताजा कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराधों पर किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। मामले की जांच जारी है और आगामी दिनों में डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












