- विभिन्न विद्यालयों में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कार्यक्रम आयोजित, विधायक शक्तिरानी शर्मा ने दिया सशक्त नारी का संदेश
- सभी विद्यालयों में विधायक शक्तिरानी शर्मा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया
Kalka News | मेरा हरियाणा नेटवर्क | कालका/पिंजौर । कालका विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों—मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कालका, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पिंजौर एवं सेंट विवेकानंद मिलेनियम स्कूल (एचएमटी), पिंजौर में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों में कालका की विधायक शक्तिरानी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं तथा छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित किया। कार्यक्रमों के दौरान छात्राओं एवं महिला शिक्षकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जिससे ‘सशक्त नारी – विकसित भारत’ के संकल्प को और मजबूती मिली।
विधायक शक्तिरानी शर्मा का सभी विद्यालयों में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर निबंध लेखन, स्वरचित कविता, स्लोगन लेखन एवं पोस्टर/पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा बनाई गई पेंटिंग, स्लोगन एवं निबंधों में अत्यंत प्रभावशाली संदेश देखने को मिले। विधायक शक्तिरानी शर्मा ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
बेटियां हर क्षेत्र में प्रतिभा का परचम लहरा रही : शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शक्तिरानी शर्मा ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक सशक्त और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है। आज हमारी बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम बेटियों को शिक्षा, आत्मविश्वास और अवसर प्रदान करें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और समाज में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम न केवल छात्राओं को प्रेरित करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और समानता की भावना को भी मजबूत करते हैं।
मेरा मानना है कि जब नारी सशक्त होगी, तभी परिवार सशक्त होगा, समाज सशक्त होगा और देश विकसित बनेगा। हम सबका दायित्व है कि नारी सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाएँ और एक बेहतर, समृद्ध और समान अवसरों वाला समाज बनाने में अपना योगदान दें।
उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रमों में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। पूरे आयोजन में उत्साह, जागरूकता एवं नारी सशक्तिकरण का सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।














